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ज्यौड़ियां क्षेत्र के दस गांवों में 20 घंटे बिजली रही बंद

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ज्यौड़ियां। क्षेत्र के दस गांवों में 20 घंटे से बिजली बंद रही, जिससे इन गांवों के लोगों को गर्मी और उमस भरे मौसम में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
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बता दें कि रविवार की शाम क्षेत्र में आंधी और बारिश के चलने से बिजली की तारों पर पेड़ और क्षेत्र में तीन-चार बिजली के पोल गिर गए थे, जिससे क्षेत्र में बिजली का ढांचा बिगड़ गया। पूरे क्षेत्र में बिजली बंद हो गई। क्षेत्र के कई गांवों में तो 12 घंटे के बाद सोमवार सुबह बिजली सुचारु कर दी गई, लेकिन ज्यौड़ियां के 10 गांव जिनमें मैरा, मुटठी, कनसालियां, तरयाई, बनदोवाल, पोठा, रतनपुर जटां दे कोठे आदि शामिल हैं। यहां पर 20 घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली सुचारु नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में आंधी से तीन पोल गिरे हैं, जिनको विभाग 20 घंटे बीत जाने के बाद भी ठीक नहीं कर पाया है। इसको को लेकर स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ काफी रोष है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली काफी सुस्त है। इस आधुनिक युग में भी तीन पोल को लगाने के लिए बीस घंटे से भी अधिक समय लग रहा है। लोगों ने बताया कि जिस स्पीड से विभाग पोल लगा रहा, उससे लग रहा है कि बिजली का आना मुश्किल है। वहीं ज्यौड़ियां कस्बे के लोगों ने बताया कि कस्बे में आज सुबह बिजली नहीं आती, अगर पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी के लोग बिजली विभाग के साथ काम नहीं करते।
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परगवाल में 15 घंटे के बाद बहाल हुई बिजली
लोगों ने विभाग के खिलाफ जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में रविवार देर शाम को आई आंधी में प्रभावित हुआ बिजली का ढांचा सोमवार को 15 घंटे बार दुरुस्त हो पाया। इस तरह से लोगों को रविवार को ठप हुई बिजली के दर्शन सोमवार को हो पाए। इस बीच लोगों को पूरी रात बिना बिजली के रहना पड़ा। साथ ही सोमवार की सुबह पेयजल किल्लत से भी जूझना पड़ा।
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उल्लेखीय है कि रविवार शाम करीब आठ बजे मौसम के मिजाज काफी बिगड़ गए। आंधी के साथ ही बारिश भी हुई। इस बीच कई स्थानों पर पेज गिर गए। दूसरी तरफ विद्युत तार टूटने की भी घटनाएं हुई। इस कारण विद्युत ढांचा प्रभावित हुआ और विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बिजली सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद बहाल हुई, जिससे गर्मी में लोगों का बुरा हाल रहा। स्थानीय निवासी राकेश सिंह का कहना था कि ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर होने के कारण पूरा दिन खेतों में काम करते रहते हैं। शाम को बिजली नहीं होने से उनको और बच्चों का बुरा हाल रहा। उनका कहना था कि थोड़ी सी हवा चलने पर बिजली बंद हो जाती है। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि विभाग को बिजली ढांचा सुधारना चाहिए और जहां कोई कमी है उसे दुरुस्त करना चाहिए, जिससे बिजली सुचारु रूप से चलती रहे।
आंधी और बारिश से लोगों को मिली राहत
अरनीया। क्षेत्र में रविवार शाम को चली आंधी से पारा लुढ़क कर 33 डिग्री तक पहुंच गया। बीते करीब दस दिन से लू और भीषण गर्मी की मार झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली। सोमवार को भी इसका असर जारी रहा। हालांकि मौसम साफ रहने से खिली धूप जरूर रही। अन्य दिनों की बनिस्बत भीषण गर्मी व लू से राहत मिलती रही।
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