सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू के रक्षा अध्ययन विभाग के प्रो. जेएस जगन्नाथन का कहना है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक कई मामलों में महत्वपूर्ण रही।
वहां की आईएसआई, सेना तथा आतंकी समूहों को डीप स्टेट कहा जाता है, जो वहां की व्यवस्था को संचालित करता है। इस घटना के बाद डीप स्टेट संकट में है।
बालाकोट हमले ने पाकिस्तान की परमाणु हमले की गीदड़भभकी वाली थ्योरी को भी नकार दिया है। वह इसकी आड़ में ब्लैकमेल करने की साजिश कर रहा था।
प्रो. जगन्नाथन का मानना है कि हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा हुआ। यहां तक कि चीन भी।
दरअसल, पाकिस्तान हर वक्त कहता है कि वह भारत से बातचीत को तैयार है और दूसरी ओर आतंकियों को लगातार धकेलकर भारत में अशांति फैलाने की कोशिशें करता रहा।
एयर स्ट्राइक से भारत ने नई नीति अपनाकर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है। अनुच्छेद 370 हटाने की पृष्ठभूमि भी बालाकोट एयर स्ट्राइक से ही तैयार हुई।