ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ल
जम्मू। अमरनाथ यात्रा के लिए पूरे देश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दोनों यात्रा मार्गों पर लंगरों में देसी घी से व्यंजन पकाए जाएंगे। इस बार लखनवी चाट और लौकी का कबाब से लेकर नई दिल्ली की लंगर सेवा में छह प्रकार की खीर परोसी जाएगी। अमृतसरी छोले-कुलचे, बेकरी, पाव भाजी भी खाने को मिलेगी।
अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हो रही है जो नौ अगस्त को रक्षाबंधन वाले दिन संपन्न होगी। इस बार तीर्थयात्रा समयकाल 38 दिन है। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के दोनों मार्गों पर श्री अमरनाथ श्री श्राइन बोर्ड की अनुमति से लंगर लगाए जाते हैं। इसके अलावा भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लखनपुर से लेकर श्रीनगर तक लंगर लगते हैं, जिनके लिए संबंधित जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है।
लंगर सेवा देने वाली संस्थाओं में हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्साह देखते ही बन रहा है। अमर उजाला ने वर्षों से लंगर सेवा कर रही संस्थाओं के पदाधिकारियों से बात की। उन्होंने अपनी तैयारियों और श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले भोजन की जानकारी दी।
पोहा, हलवा, सैंडविच भी होगी खास
लखनऊ में अमीनाबाद में अमरनाथ सेवा संस्थान के ओमप्रकाश निगम उर्फ ओमी 1993 से लंगर सेवा दे रहे है। पहले वह पहलगाम गुरुद्वारा में लंंगर लगाते थे। वर्ष 2002 से पहलगाम यात्रा मार्ग केे मनीगाम पड़ाव पर लंगर लगा रहे हैं। इस बार लंगर में दोपहर को लखनवी छौंक लगी अरहर की दाल के साथ रोटी और चावल खास होगा देसी घी से बने नाश्ते में पोहा, हलवा, सैंडविच का भी स्वाद ले सकेंगे।
शाम को लखनवी चाट और इडली डोसा
ओमप्रकाश निगम ने बताया कि शाम को लखनवी चाट, लौकी का कबाब, देसी घी से बनी जलेबी मिष्ठान में परोसी जाएगी। दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं के लिए उनका मनपसंद इडली व डोसा भी मिलेगा। प्रतिदिन चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भोजन का प्रबंध होगा। लंगर के लिए तीन ट्रक सब्जी व किराना का सामान श्रीनगर के लिए रवाना कर दिया गया है। 23 जून को ट्रक मनीगाम पहुंच जाएंगे और टिनशेड लगाने का काम शुरू करेंगे। यह लंगर सेवा पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य डा. दिनेश शर्मा के निर्देशन में की जा रही है। वह इस संस्था के प्रधान भी हैं। संस्था के संस्थापक सरदार अमर सिंह हैं। करीब 100 लोगों की टीम है जो इस लंगर सेवा को धरातल पर उतारने का काम करेगी।
दिल्ली के राजीव परोसेंगे केसर, गुलाब, लीची, मैंगो व स्ट्राबेरी की खीर
बालटाल मार्ग पर पोशपतरी में दिल्ली से 28 वर्ष लंगर लगाने वाले राजीव सेठी को इस बार पवित्र गुफा के पास भी लंगर लगाने की अनुमति मिली है। श्री पशुपतिनाथ सेवक नामक उनकी संस्था कई तरह के व्यंजन परोसेगी। इसमें छोले कुलचे, अमृतसरी छोले कुलचे, पाव भाजी, ढोकला प्रमुख होंगे। इस बार उनके लंगर में छह प्रकार की खीर भी बनेगी। इसमें दूध, केसर, गुलाब, लीची, मैंगो, स्ट्राबेरी की खीर प्रमुखता से रहेगी। यहां सभी व्यंजन देसी घी में पकाये जाएंगे। सेवईयां, तिल के लड्डू, पेठा भी मिलेगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। 23 जून से लंगर सेवा के लिए सेवकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।