उत्तरी कमान में रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट
- फोटो : सेना
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा है कि सेना का मनोबल बहुत ऊंचा है। हमारी सेना आज किसी भी स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। वह शनिवार को उत्तरी कमान मुख्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सैनिकों को संबोधित कर रहे थे।
भट्ट ने कहा कि पिछले आठ वर्ष में लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। आज लोगों को अपने क्षेत्र के विकास की चिंता रहती है। आगे बढ़ने की चिंता रहती है। आज पूरा देश एक दिशा में चल रहा है। सेना के त्याग और समर्पण को भुलाया नहीं जा सकता।
देश में जब भी आपत्ति आई है, सेना ने उसका मुंह तोड़ जवाब दिया है। आज हम हैं। उत्तरी कमान में रक्षा राज्य मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि आज के समय में एक के बाद एक इतिहास रचा जा रहा है। आने वाली पीढ़ी इनको इतिहास में पढ़ेगी।
आज आईएनएस विक्रांत तैयार किए जा रहे हैं। एक समय था जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को बहुत मेहनत करनी पड़ती थी। आज समय है कि सारा विश्व भारत की तरफ उम्मीद के साथ देख रहा है। यह हमारी जीत है। आज हम आत्मनिर्भर हैं। हमारे बच्चे और जवान आगे बढ़ रहे हैं।
जिन्होंने हमें गुलाम बनाया, आज हम उनसे बड़ी आर्थिक शक्ति
भट्ट ने कहा कि जब से पीएम मोदी ने सत्ता संभाली है, तब से देश का कायाकल्प हो गया है। रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान 22500 बच्चों को सुरक्षित अपने देश में पहुंचाया। 50 लाख से अधिक लोगों को वंदे भारत के तहत अपने देश में सुरक्षित लाया गया। प्रधानमंत्री हर एक व्यक्ति की चिंता कर रहे हैं। जिन्होंने हमें गुलाम बनाया था, आज हम उन्हें पीछे छोड़ कर विश्व की पांचवीं आर्थिक शक्ति बनकर उभरे हैं। लोगों को पढ़ाकर एनडीए में लाया जा रहा है। सेना खुद जाकर लोगों को पढ़ा रही है।
बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई
इससे पहले केंद्रीय मंत्री को उत्तरी कमान मुख्यालय में सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा और परिचालन स्थिति की जानकारी दी। मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री ने उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ ध्रुव युद्ध स्मारक पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में बाइक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइक रैली विभिन्न राज्यों से होकर 27 अक्तूबर को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई दिल्ली पहुंच कर संपन्न होगी। उन्होंने ने एनसीसी गर्ल कैडेटों से बातचीत की और उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को स्थिर रखने के लिए हमेशा युद्ध में रहने के लिए उत्तरी कमान की सराहना की।