जम्मू। शहर की युवा कलाकार भारती वर्मा महिलाओं के संघर्षपूर्ण जीवन, जिम्मेदारियों और रोजमर्रा के अनुभव को अपनी चित्रकारी के माध्यम से कैनवास पर उकेर रही हैं। वर्तमान में इंफा से कला की पढ़ाई कर रहीं अनुभवी चित्रकार वुडकट, लिनोकट, लिथोग्राफ्स और विभिन्न प्रिंटमेकिंग तकनीक में महारत हासिल कर चुकी हैं।
जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी कला का जादू बिखेर चुकीं भारती की हाल ही में कला केंद्र में आयोजित चित्र प्रदर्शनी ने कला प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाए गए चित्रों को प्रदर्शित किया जिसमें आत्मबल, सोच और जीवन यात्रा को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी में दो चित्रों की विशेष रूप से चर्चा हो रही है। महिला जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्ष और अलग-अलग परिस्थितियों में जिम्मेदारियों के निर्वहन को एक ही फ्रेम में दिखाया गया है।
दूसरा चित्र महिला पर बढ़ते पारिवारिक और सामाजिक बोझ को बयां करता है।
भारती वर्मा का मानना है कि महिलाओं का जीवन खुद में बड़ी कहानी है जिसे समझने के लिए संवेदनशील नजर की जरूरत होती है। उन्होंने अपने हालिया चित्र का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें युवती द्वारा घर से कॉलेज की दूरी तय करने के दौरान समाज में झेले जानी वाली दिक्कतों और नजरियों को दर्शाया गया है।