भाजपा लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपने पुराने मुद्दों पर लौटेगी। आतंकवाद और अलगाववाद से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 35 ए और 370 पर दोबारा सक्रियता बढ़ाई जाएगी। आरएसएस के प्रदेश मुख्यालय केशव भवन अंबफला में मंगलवार देर शाम को हुई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर कार्यवाह सुरेश जी जोशी (भैयाजी जोशी) के साथ प्रदेश भाजपा नेतृत्व की हुई दो घंटे की बैठक में इन फैसलों पर सहमति बनाई गई।
दो घंटे चली बैठक में आगामी चुनावों को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। भैयाजी ने जोर दिया कि प्रदेश भाजपा आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाव राष्ट्रवाद की विचारधारा पर लड़े। कश्मीर नेतृत्व पर सीधा प्रहार करते हुए अलगाववाद और आतंकवाद को किसी तरह से समर्थन न करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनावों के महत्वपूर्ण फैसलों में संघ की सिफारिशों पर गौर किया जाए। टिकट फाइनल करने के लिए संघ को विश्वास में रखा जाए। जन आकांक्षाएं चुनाव घोषणा पत्र में शामिल की जाएं।
चुनाव में भाजपा पुराने मुद्दों पर फोकस कर जनता के बीच जाए। बैठक में पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, शमशेर सिंह मन्हास, प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना, महासचिव संगठन अशोक कौल, महासचिव सुनील शर्मा, डा. नरेंद्र सिंह, लद्दाख के एमएलसी शेरिंग दोरजे मौजूद रहे। एमपी पद से इस्तीफा देने वाले थुपस्टान छिवांग बैठक से नदारद रहे।
कोर ग्रुप की बैठक में रणनीति बनी
जम्मू। भैया जी जोशी के साथ बैठक करने से पहले भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी के आवास पर बैठक कर एजेंडे पर चर्चा की। दो घंटे चली इस बैठक में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख की चुनावी तैयारियों का जिक्र किया गया। इसमें संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें प्रदेश नेतृत्व से सभी प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।