हाईकोर्ट में उस वक्त अजीब स्थिति हो गई, जब खंडपीठ ने चीफ इंजीनियर से कहा कि आयुक्त सचिव से पूछकर बताओ अदालत परिसर की पार्किंग में कब तक ब्लैक टैपिंग होगी।
बार एसोसिएशन जम्मू की ओर से दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में विभिन्न विकास कार्यों की रिपोर्ट के लिए विभाग के चीफ इंजीनियर स्वयं उपस्थित थे।
जस्टिस हसनैन मसूदी और जस्टिस बीएस वालिया की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान चीफ इंजीनियर ने परिसर में ब्लैक टैपिंग करवाने में असमर्थता जताई।
उनका कहना था कि इसके लिए अथारिटी से आवश्यक अनुमोदन मिलना अभी बाकी है। खंडपीठ ने तत्काल मामला रोकते हुए इसे दोपहर दो बजे के बाद फिर सूचीबद्ध करने को कहा।
साथ ही चीफ इंजीनियर को तब तक आयुक्त सचिव से बात कर काम शुरू करने के लिए अनुमोदन मांगने को कहा। दोपहर बाद दोबारा सुनवाई के दौरान चीफ इंजीनियर ने कहा कि आयुक्त सचिव ने एक एनआईटी बनाने को कहा है।
इस पर अदालत ने चीफ इंजीनियर को दो दिनों के अंदर एनआईटी बनाने को कहा, ताकि काम 24 अक्तूबर से पहले शुरू किया जा सके।