वह इस मामले पर सरकार से जवाब देने की मांग कर रहे थे। नेकां विधायक अल्ताफ कल्लू ने भी एक छात्र की ओर से भेजे गए मैसेज को पढ़ा जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन पर राज्य से बाहर हमले हो रहे हैं। इसके बाद नेकां तथा कांग्रेस विधायक हंगामा करने लगे।
उन्होंने सरकार पर इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। सदन से बाहर निकलते वक्त अल्ताफ कल्लू ने पीडीपी विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप भी कश्मीरी ही हो।
इस पर पीडीपी विधायक मोहम्मद अशरफ मीर ने कहा कि वे पहले कश्मीरी हैं फिर भारतीय। बाद में विधानसभा परिसर में पत्रकारों से नेकां विधायक अली मोहम्मद सागर ने कहा कि रियासत से बाहर कश्मीरी युवकों पर हमले काफी खतरनाक संकेत दे रहे हैं।
घाटी में एक संदेश जा रहा है कि वे सुरक्षित नहीं हैं। कश्मीरियों पर हमले करने वाले देश के मित्र नहीं हो सकते। हर कोई किसी भी विश्वविद्यालय या कालेज में जाने के लिए स्वतंत्र है। यदि धर्म, क्षेत्र तथा राज्य के नाम पर कोई बंदिश हो तो यह अच्छी बात नहीं है।