बवंडर से क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे को किया दुरुस्त, स्थानीय लोगों ने दिया सहयोग
अरनिया। गांव ब्यासपुर परलाह में मंगलवार को बिजली विभाग के कर्मियों ने कमाल कर दिया। छह घंटे में 30 खंभे और ट्रांसफाॅर्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। स्थानीय लोगों ने भी सहयोग दिया।
बता दें कि सोमवार को बवंडर से यहां बिजली ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया था। अधिकारियों ने मंगलवार सुबह 7 बजे से ही मोर्चा संभाल लिया। लाइनमैन के साथ मजदूरों को लगाकर क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर खड़े करने का सिलसिला शुरू कर दिया। बवंडर से हुए बिजली ढांचे के नुकसान की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के एक्सईएन अशोक कुमार छिब्बर, एईई भानु प्रताप सिंह और जेई गोपाल सिंह गांव में पहुंच गए। उन्होंने गांव में हुए नुकसान का आकलन किया। इसके बाद बिजली के 30 खंभे तत्काल मंगवाए और 250 एमवीए के क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर को तत्काल बदल दिया।
अधिकारियों ने मजदूरों के साथ खड़े होकर तीव्रता से बिजली बहाली के लिए काम करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम को अंजाम दिया। लोगों ने युद्धस्तर पर किए गए कार्य की सराहना की। लोगों ने कहा कि दो से तीन दिन में दुरुस्त होने वाले बिजली ढांचे के कार्य को आधे दिन में मुकम्मल किया गया है।
ब्यासपुर परलाह-अरनिया मार्ग पर गिरे हैं पेड़
बवंडर से ब्यासपुर परलाह-अरनिया मुख्य मार्ग पर पेड़ क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे गिरे हैं। इसके चलते वाहन चालकों को दुर्घटना की चिंता सता रही है। वन विभाग और सिंचाई विभाग की तरफ से किसी भी अधिकारी ने क्षेत्र का दौरा नहीं किया है। बवंडर के उपरांत लगातार दूसरे दिन भी पेड़ सड़कों पर गिरे हैं। इससे लोगों की फसल को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने कहा कि वन विभाग और सिंचाई विभाग को गिरे हुए पेड़ों की कटाई कर रास्ता साफ करना चाहिए। बवंडर से हुए नुकसान का जायजा लेने किसी भी प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के विधायक प्रोफेसर गारू राम भगत ने गांव का दौरा नहीं किया है। इससे लोगों में रोष है। गांव निवासी राकेश कुमार ने कहा कि बवंडर से बिजली ढांचे को लाखों का नुकसान हुआ है। उसके अलावा लोगों के टिन के शैड उड़ गए हैं। खेतों में पेड़ गिरने से फसल को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी गांव का दौरा कर नुकसान का आकलन करें।
बवंडर से गांव ब्यासपुर परलाह में बिजली ढांचे को लगभग 5 से 6 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। गांव के लोगों ने बिजली विभाग के साथ मिलकर कार्य किया है। इस कारण तीन दिन के काम को आधे दिन में मुकम्मल कर लिया गया।
-गोपाल सिंह, जेई बिजली विभाग