पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता रमण भल्ला ने 60 दिन से राज्य में कोई सियासी गतिविधि हुए बिना ही बीडीसी चुनाव कराए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भल्ला ने पुंछ में रविवार को पंचायत सदस्यों से मुलाकात की और वर्तमान राजनीतिक और सुरक्षा वातावरण पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के साथ मजाक है कि पार्टी आधार पर बीडीसी चुनाव कराएं जा रहे हैं और और अधिकतर विपक्षी नेताओं को नजरबंद किया गया है। बेहतर होता संविधान के 73वें संशोधन के सभी प्रावधानों को लागू करने के बाद बीडीसी के चुनाव कराए जाते।
जेएंडके पंचायत राज एक्ट 1989 के तहत बीडीसी चुनाव कराने का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही पंचायत सशक्तीकरण की वकालत की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंचायतों के लिए अलग से वित्त आयोग और स्थानीय निकाय की मांग करती रही है।