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Jammu News: बाड़ी ब्राह्मणा की 400 यूनिटें अघोषित कटौती की झेल रहीं मार

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जम्मू। झुलसाती गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने जहां उद्योगों को झटका दिया है वहीं गर्मी ने बाजार को पटक दिया है। बाड़ी ब्राह्मणा औद्योगिक क्षेत्र की 400 से ज्यादा यूनिटें अघोषित कटौती की मार झेल रही हैं। सॉफ्ट ड्रिंक की बिक्री बढ़ी है लेकिन आवश्यक तापमान को बनाए रखने में उनके पसीने छूट रहे हैं।
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जम्मू में सॉफ्ट ड्रिंक की करीब 15 हजार पेटियां रोज सप्लाई होती हैं। जम्मू-कश्मीर सॉफ्ट ड्रिंक्स एसोसिएशन के अयोध्या गुप्ता के अनुसार गर्मी के मौसम में ड्रिंक की सप्लाई बढ़ जाती है लेकिन अघोषित कटौती से तापमान बनाए रखने संबंधी दिक्कत है। न तो तापमान कम रखा जा सकता है और न ज्यादा। इसके अतिरिक्त दोपहर के वक्त इतनी गर्मी रहती है कि ग्राहक कन्नी काट लेते हैं।
कूलर, एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की मांग बढ़ी है, पर पिछले साल के मुकाबले कम है। इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के डीलर मानिक किरन के अनुसार जम्मू में इन आइटम्स के एक हजार से भी अधिक कारोबारी हैं। पांच सौ करोड़ से भी अधिक का कारोबार है। यह सच है कि गर्मी में राहत देने वाले उपकरणों की सप्लाई इस मौसम में बढ़ी है लेकिन पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत तक की कमी आई है।
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बेकार हो रहा प्लास्टिक मटीरियल
अघोषित बिजली कटौती से प्लास्टिक का सामान बनाने वाली इकाइयां सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। बिजली गुल होने से अचानक मशीन बंद हो जाती है। इससे प्लास्टिक मटीरियल उसमें फंसने से बेकार हो जाता है। जहां छोटी लाइनें होती हैं वहां जनरेटर होता है। बड़े सेटअप में उससे कोई मदद नहीं मिलती।
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175 करोड़ रुपये का कारोबार देने के बावजूद हालात बदतर
बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रियल एरिया सरकार को 175 करोड़ का राजस्व देता है। इसके बावजूद हालात खराब हैं। बिजली कटौती के संबंध में कई बार अधिकारियों से बातचीत हुई लेकिन बजट का रोना रोया जा रहा है। इस संबंध में जल्द ही जेकेपीडीडी के एमडी से संपर्क करेंगे।
- ललित महाजन, पदाधिकारी, बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन


सबसे ज्यादा दिक्कत बिजली की कमी से है। कब चली जाती है पता नहीं चलता। ऐसे में ग्राहक दुकान पर नहीं रुकता। अंधेरे में गोदाम से सामान निकालने में परेशानी होती है।
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- शिवांग गुप्ता, स्टेशनरी व्यापारी, भारत माता चौक



शहर में इतनी बिजली कटौती होती है कि इन्वर्टर भी थक जाता है। ज्वेलरी तैयार करने में टांका वगैरह जोड़ने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में दिक्कत होती है।
- युगल किशोर, हनुमान गली
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गर्मी इतनी है कि बाजार में ग्राहक नजर नहीं आते। लंबे समय तक बिजली गुल रहती है तो बैकअप सिस्टम भी बेकार हो जाता है।
- विक्की वर्मा, जैन सराफा बाजार
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