- उत्तरी कश्मीर के चोटाली के स्कूल को लिया गोद, सीमावर्ती क्षेत्र में शैक्षिक उत्थान की पहल
-आगामी पीढ़ी को दहशत के माहौल से उबारने की लंबी योजना पर काम कर रही है सेना
अमर उजाला ब्यूरो
बारामुला। सीमावर्ती क्षेत्र में समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए सेना प्रतिबद्ध है। सेना केवल सरहद की सुरक्षा ही नहीं कर रही बल्कि भविष्य की पीढ़ी को भी सुधार रही है। सेना ने नियंत्रण रेखा से सटे बारामुला के गांव चोटाली में राजकीय माध्यमिक उच्च विद्यालय को उन्नत करने के लिए उसे गोद लिया है।
सेना ने स्कूल में शिक्षण वातावरण को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक फर्नीचर और बुनियादी ढांचा दान करने का निर्णय लिया है। इससे यह विद्यालय किसी भी शहर या कस्बे के किसी भी प्रतिष्ठित स्कूल के समकक्ष बन जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल की कक्षाओं को नवीनतम सुविधाओं से युक्त स्मार्ट कक्षाओं में परिवर्तित किया जाएगा। यह शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव होगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा अनुकूल वातावरण प्रदान करना है जो सीखने और विकास को प्रोत्साहित करे और इस प्रकार देश के सुदूर हिस्से में आधुनिक तकनीक के साथ तालमेल बिठा सके।
यह पहल केवल चोटाली तक ही सीमित नहीं है। सेना सीमावर्ती गांवों के अन्य स्कूलों जिनमें गगर हिल सरकारी स्कूल और सोमवाली सरकारी प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं, को भी इसी तरह का सहयोग देने की योजना बना रही है। ऐसा करके सेना इन क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना चाहती है ताकि वे अपने लिए एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें और जम्मू-कश्मीर तथा राष्ट्र के समग्र विकास में योगदान दे सकें।
चोटाली स्थित सरकारी माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की क्योंकि इसका सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। स्कूल के छात्र इस उन्नयन से बेहद खुश दिखे और उन्होंने इसका अधिकतम लाभ उठाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
इस पहल के माध्यम से सेना जम्मू-कश्मीर के लोगों, विशेषकर युवाओं के कल्याण और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और ऐसे अवसर पैदा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है जो युवाओं को अपनी पूरी क्षमता का एहसास कराने में मदद कर सकें। इससे स्थानीय लोगों को शिक्षा के लाभ तक पहुंच प्रदान करके क्षेत्र में नागरिक-सैन्य सामंजस्य भी बढ़ेगा।