बार एसोसिएशन की जनरल हाउस बैठक में मौजूद वकील
जम्मू के सिद्दड़ा के रैका इलाके में हाईकोर्ट शिफ्ट करने का बार एसोसिएशन ने विरोध किया है। वीरवार को बार के जनरल हाउस में इसे लेकर प्रस्ताव पास किया गया। बार एसोसिएशन 15 सदस्यीय कमेटी गठित करेगी। एक हफ्ते बाद फिर से जनरल हाउस होगा। इसमें कमेटी बताएगी कि आगे की रणनीति किस तरह से होगी।
इससे पहले जनरल हाउस में पूछा गया कि कितने सदस्य हाईकोर्ट शिफ्ट करने के समर्थन में हैं और कितने नहीं। इसमें अधिकतर वकीलों ने एक स्वर में कहा कि हाईकोर्ट को जम्मू से बाहर शिफ्ट करने के हक में नहीं हैं।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम शर्मा का कहना है कि जनरल हाउस में हाईकोर्ट के शिफ्ट करने के मामले पर बात हुई है। जिला कोर्ट और अन्य अदालतों को भी शिफ्ट करने पर बात की गई। प्रस्ताव पास किया गया कि हाईकोर्ट को जम्मू से शिफ्ट करने का विरोध किया जाएगा। अब यह विचार-विमर्श से होगा या फिर आंदोलन से, इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी।
कमेटी अगले जनरल हाउस में बताएगी कि कौन सा रास्ता अपनाया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि जिस समय उच्च न्यायालय रैका में शिफ्ट करने पर बात हो रही थी। तब छुट्टियां चल रही थीं। इस वजह से जनरल हाउस नहीं बुलाया जा सका। बैठक में अभिनव शर्मा, असलम गोनी, शकील अहमद व अन्य वरिष्ठ वकील शामिल हुए।
वकीलों के आगे झुके बार के पदाधिकारी, लिया यू-टर्न
बता दें कि रैका में हाईकोर्ट शिफ्ट करने पर पहले बार एसोसिएशन ने समर्थन दिया था। लेकिन बार के 700 से ज्यादा सदस्यों ने असहमति जताई। बार के पदाधिकारियों के खिलाफ वकीलों ने प्रदर्शन किया और जनरल हाउस कराने की मांग की। आखिरकार एसोसिएशन को जनरल हाउस बुलाना पड़ा। अब जनरल हाउस में प्रस्ताव पास किया गया कि बार एसोसिएशन सरकार के इस फैसले का विरोध करेगी।
वकील बोले, जानीपुर में ही बननी चाहिए नई इमारत
बैठक में अधिकतर वकीलों ने कहा कि रैका में हाईकोर्ट की इमारत सिर्फ 70 कनाल पर ही बन रही है। जबकि बाकी की 500 से अधिक कनाल तो अन्य कार्यों के लिए है। जबकि जानीपुर हाईकोर्ट में 600 कनाल जमीन पड़ी हुई है। फिर यहां पर नया कांप्लेक्स क्याें नहीं बनाया जा सकता। कहा कि जानीपुर से शिफ्ट होने की वजह से वकीलों और लोगों सबको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।