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Jammu News: करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में सीजीएम ने पांच लोगों के खिलाफ तय किए आरोप

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-मेसर्स आईडी सूद इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं आरोपी
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जम्मू। करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी के मामले में मेसर्स आईडी सूद इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों राज कुमार गुप्ता, रजत महाजन, संजय गुप्ता, राज कुमार गुप्ता और राहुल के खिलाफ आरोप तय किए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जम्मू अंजूम आरा ने वीरवार को आरोप तय किए।
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सीबीआई को मिली लिखित शिकायत के तहत आईडी सूद इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों ने बैंक ऑफ इंडिया को धोखा दिया है। क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाकर बैंक से 18.10 करोड़ रुपये (सीसी सीमा 17.48 करोड़ रुपये और टर्म लोन 0.62 करोड़ रुपये प्लस ब्याज) की धोखाधड़ी की और फिर जानबूझकर कर भुगतान में चूक की। इसके खिलाफ आरपीसी की धारा 120-बी के 420 और 409 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद सत्य प्रकाश मंगल एंड कंपनी (सीए) ने झेलम इंफ्रा प्रोजेक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के समूह खाते का फोरेंसिक ऑडिट किया। इसमें पता चला कि कंपनी के निदेशकों और गारंटरों ने अनियमितताएं की हैं। कंदरोड़ी, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) में स्थित कंपनी स्टील सिल्लियों का निर्माण करती थी। राज कुमार गुप्ता और रजत महाजन कंपनी के निदेशक थे। बैंक ने मई 2013 में पंजाब और सिंध बैंक से 1.80 करोड़ रुपये का सावधि ऋण और 12 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी सीमा ले ली और डीडब्ल्यू सीमा को आरएम 6 करोड़ तक बढ़ा दिया गया। इसमें राधिका महाजन, झेलम इंडिया प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, न्यू जम्मू फ्लोर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड और झेलम इंडस्ट्रीज, आईडीएसआईपीएल के खाते में गारंटर थे। बैंक इनके खाते को 31 मार्च 2015 को एनपीए वर्गीकृत किया। सीबीआई के लोक अभियोजक विजय डोगरा और आरोपी व्यक्तियों के वकील परवीन कपाही और एसके डोगरा को सुनने के बाद सीजेएम ने कहा कि दस्तावेज और मौखिक साक्ष्य के रूप में मौजूद रिकॉर्ड से उन्हें अपराध के लिए जिम्मेदार पाया। सीजेएम ने आगे कहा कि आरोपी व्यक्ति इस स्तर पर बरी नहीं किया जा सकता है। ब्यूरो
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