सात प्रमुख बैंक यूनियनों ने लिया हिस्सा
इस हड़ताल में सात प्रमुख बैंक यूनियनों के कर्मचारी शामिल हुए। इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी) नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबोआ), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (आईएनबीईएफ) और इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) शामिल हैं। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और यूनियन बैंक समेत कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हुए।
दो साल से लंबित है पांच दिन की बैंकिंग की मांग
प्रदर्शन के दौरान यूएफबीयू नेता ने कहा कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग मार्च 2024 से लंबित है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियों से बचने की मांग कभी नहीं की बल्कि उनकी मांग केवल एक वास्तविक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है। कहा कि दुनिया के कई देशों में पांच दिन की कार्य व्यवस्था पहले से लागू है और भारत में भी बैंकिंग क्षेत्र में इसे लागू किया जाना चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। यूनियनों ने 26 से 30 सितंबर तक पांच दिन की हड़ताल और इसके बाद 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। कर्मचारियों ने सरकार से अपने आश्वासन को पूरा करने और लंबित मांगों का समाधान करने की अपील की है।