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नकली नोटों के लिए पाकिस्तान टू बांग्लादेश वाया मालदा सबसे पसंदीदा रूट

Fri, 11 Nov 2016 12:27 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
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आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिग का मामला - फोटो : File Photo
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रियासत में आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की ओर से सालाना अमूमन 12-15 हजार करोड़ रुपये की फंडिंग किए जाने की खुफिया एजेंसियों के पास जानकारी है। यह राशि हवाला के जरिये तो यहां पहुंचती ही है, साथ ही इसमें नकली करेंसी का भी योगदान है।
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पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते रियासत में नकली नोटों की बेधड़क सप्लाई कर रहा है। एनआईए ने वर्ष 2011 में जानीपुर इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन के चार ओवर ग्राउंड वर्करों को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर बांग्लादेश के जरिये फंडिंग किए जाने का खुलासा किया था।

एनआईए ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कहा है कि पाकिस्तान से बांग्लादेश के रास्ते नकली नोट सप्लाई करना आतंकी संगठनाें का सबसे पसंदीदा रूट है। यह राशि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के मालदा तक पहुंचाई जाती है। यहां से आतंकी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्करों की मदद से दिल्ली के रास्ते यह रियासत तक पहुंचती है। 
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व्यापारियों की मदद से चलता है नकली नोटों का कारोबार

नकली नोटों का कारोबार - फोटो : डेमो फोटो
नेपाल में घाटी के कई कालीन, ड्राई फ्रूट के कारोबारी और बड़े ट्रेडर्स अपनी कारोबारी गतिविधियां चलाते हैं। सूत्रों का कहना है कि कारोबार के साथ ही वे घाटी तक नकली नोट पहुंचाने में भी मदद करते हैं। इसके बदले उन्हें एक निश्चित रकम मिलती है। यह रकम आवश्यकता तथा परिस्थितियों के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है।

जानीपुर थाने में 2011 में 1.50 लाख रुपये नकली नोट बरामद किए गए थे। इस मामले में कुलगाम के निवासी हिजबुल के ओवर ग्राउंड वर्कर सहित जम्मू के फल व सब्जी कारोबारी तथा पश्चिम बंगाल के ओजीडब्ल्यू थे। बाद में जांच में यह भी पता चला था कि गिरोह के अन्य सदस्य पटना और आसपास भी कश्मीरी शाल और वुलेन गारमेंट्स की बिक्री के नाम पर नकली नोट का कारोबार चला रहे हैं। 
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फंडिंग के लिए ट्रस्ट तक

नकली नोटों का कारोबार - फोटो : डेमो फोटो
घाटी में आतंकी गतिविधियों की फंडिंग संबंधी मामलों की जांच के दौरान एनआईए को यह पता चला कि यहां फंडिंग के लिए दिखावे के तौर पर ट्रस्ट तक बनाए गए हैं। ट्रस्ट के जरिये आतंकियों को फंडिंग करने के साथ ही मारे गए आतंकियों के परिवारों को मदद पहुंचाई जाती है।

जेएंडके एफेक्टर्स रिलीफ ट्रस्ट (जेकेएआरटी) के जरिये फंडिंग के मामले में आतंकी संगठनों के 12 मददगारों का जांच के दौरान पता चला। इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आठ भगोड़े हैं। एक अब्दुल मजीद सोफी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस है। 
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