ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार आज जम्मू कश्मीर सहित पूरे देश में अकीदत के साथ मनाया गया। मस्जिदों व ईदगाहों में उल्लास का माहौल देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। घरों में दावतों का दौर जारी है। मोमिन नमाज अदा कर खुदा की राह में जानवरों की कुर्बानी पेश की। श्रीनगर में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, एनसी नेता उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला ने भी नमाज अदा की।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ईद-उल-अजहा पर लोगों को मुबारकबाद दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह शुभ अवसर त्याग और भाईचारे की भावना का प्रतीक है। ये खुशी का अवसर हम सबको प्रेम, करुणा और क्षमा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
ईद के चलते बाजारों में चहल पहल काफी देखने को मिली है। श्रीनगर के लाल चौक स्थित बाजार गोनी खान और महाराजा बाजार समेत लाल चौक के दुकानदारों के अनुसार, लोगों के खरीदने की क्षमता काफी प्रभावित हुई है। इसमें एक कारण ऑनलाइन शॉपिंग भी है। केवल बेकरी और मीट की दुकानों पर कुछ लोगों को खरीदारी करते देखा गया।
ईद के अवसर पर मेहंदी लगाने वालों को जिस भीड़ की उम्मीद थी, वह उनको इस बार नहीं मिली। वहीं अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने बुधवार को कहा कि अधिकारियों ने ऐतिहासिक ईदगाह श्रीनगर में ईद की नमाज की अनुमति नहीं दी है। उनके द्वारा जारी बयान में अंजुमन ने कहा कि उसने घोषणा की थी कि ईद की नमाज सुबह 9 बजे ईदगाह में होगी, लेकिन अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा, ईदगाह में नमाज रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। अंजुमन औकाफ ने मीरवाइज उमर फारूक की लगातार हिरासत की भी निंदा की।