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Jammu News: रणबीर नहर किनारे लगे मेले में दिखी बैसाखी की उमंग

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सरकारी छुट्टी होने के कारण सुबह से शाम तक मेले में हजारों की संख्या में बच्चों के साथ लोग पहुंचे
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। बैसाखी पर कैनाल रोड स्थित रणबीर नहर के किनारे शुक्रवार को बैसाखी मेले की दिन भर धूम रही। सरकारी छुट्टी होने के कारण सुबह से शाम तक मेला स्थल खचाखच भरा रहा। मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पारंंपरिक खान-पान और झूलों का लुत्फ उठाया। लोगों ने जमकर खरीदारी भी की।
शहर के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ मेले में पहुंचे थे। मेले में करीब आधा किलोमीटर तक जलेबी, पकौड़े, नूडल्स, बर्गर, मोमो, कचालू, कपड़े, ज्वैलरी, फ्लावर पॉट, बच्चों के खिलौनों आदि के स्टाल लगे हुए थे। मनियारी की दुकान पर महिलाओं की भारी भीड़ दिखी। बच्चों की सबसे ज्यादा भीड़ झूलों और खेल के स्टालों पर रही। मोमो, नूडल्स के स्टाल पर युवक-युवतियां ज्यादा नजर आए तो पकौड़ों का हर उम्र के लोग स्वाद चख रहे थे। पारंपरिक जलेबी- पकौड़ों के साथ पिज्जा-बर्गर आदि के स्टालों पर भी रौनक रही। लोगों ने आइसक्रीम से लेकर ठंडई, कोल्ड ड्रिंक, जलेबी, पकौड़े, गोल-गप्पे, पिज्जा-बर्गर आदि व्यंजनों का आनंद लिया। कपड़ों से लेकर खिलौने, बर्तन, मिट्टी के बर्तन, घर की सजावट की वस्तुओं की भी जमकर खरीदारी की। बच्चों ने अपने लिए तरह-तरह के खिलौने, गुब्बारे आदि खरीदे तो महिलाओं ने मनियारी की दुकान से चूड़ियां और आर्टिफिशियल ज्वैलरी खरीदी। मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर रखे थे।
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ग्रामीण संस्कृति को अपने में समेटे है मेला
नहर किनारे लगने वाला यह मेला ग्रामीण संस्कृति को भी अपने में समेटे रहता है इसलिए इसमें रौनक जबरदस्त होती है। मेले में आवाज लगाकर गुब्बारे बेचते गुब्बारे वाले, आइसक्रीम वाले भोंपू बजातीं शरारती बच्चों की टोलियां, हाथ में थर्माकोल की प्लेट पकड़े भीड़ में ही एक नुक्कड़ पर खड़ी होकर चाट खातीं युवतियां और महिलाएं, ये दृश्य हर किसी को उत्साह से भर देते हैं और आकर्षित करते हैं।
100 साल से ज्यादा समय से चली आ रही परंपरा
बता दें कि 100 साल से ज्यादा समय से बैसाखी पर नहर किनारे मेले की परंपरा अभी तक जारी है। हालांकि अब खान-पान के साथ अन्य कई बदलाव आए हैं। पहले जलेबी-पकौड़ों की दुकानें ही मेले में दिखती थीं। अब जंक फूड पिज्जा-बर्गर, नूडल्स, गोल गप्पे आदि लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। देर शाम तक कैनाल रोड पर मेले की रौनक रही। लोग अपने परिवार के साथ मेले में पहुंचते रहे।
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शिशुओं को चखाया नहर का पानी
नवजात शिशुओं को बैसाखी के पावन मौके पर रणबीर नहर का पानी भी कई लोगों ने परंपरा निभाते हुए चखाया। डुग्गर संस्कृति में मान्यता है कि छह माह के बच्चों को बैसाखी के मौके पर रणबीर नहर का पानी पिलाने से कई रोगों से उनकी सुरक्षा होती है।
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