केंद्र सरकार की तरफ से फंडिंग न मिलने के कारण शिक्षा विभाग की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। शिक्षक लगातार परेशानियों से जूझ रहे हैं और अब पिछले कुछ दिनों से शिक्षकों ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं। शिक्षकों को करीब छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा महीनों से मिड-डे-मील की राशि भी नहीं मिली है।
सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत पूरे राज्य में सैकड़ों शिक्षक सरकारी स्कूलों में नियुक्त किए गए हैं। इन शिक्षकों को वेतन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती है। वेतन का 65 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देती है, जबकि 35 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है।
दोनों हिस्से मिलाकर शिक्षकों को वेतन जारी किया जाता है, लेकिन करीब छह महीने से केंद्र की तरफ से वेतन के लिए फंडिंग नहीं की गई है। फंड जारी न होने के कारण शिक्षा विभाग शिक्षकों को वेतन जारी नहीं कर पा रहा है। इसी तरह से मिड-डे-मील की भी राशि करीब आठ महीने से जारी नहीं की गई है।
मिड-डे-मील का 75 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार देती है। इसकी भी फंडिंग महीनों से बंद पड़ी है। केंद्र की तरफ से जारी की जाने वाली ज्यादातर फंडिंग बंद पड़ी है और इससे शिक्षा विभाग की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
शिक्षा विभाग से संबंधित सभी यूनियन इन मांगों को लेकर सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रही हैं। यूनियनों के पदाधिकारी कई बार केंद्र सरकार के मंत्रियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन किसी ने भी मांगों को पूरा नहीं किया है।