संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। पंचायत चंगिया में बैक टू विलेज-5 कार्यक्रम के लिए मुख्तयार सिंह सैनी विजिटिंग ऑफिसर थे। उन्होंने गांव में विकास कार्यों को लेकर बैठक की। पंचायत स्तर के सभी विभागों से ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। कहा कि पंचायत को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना पड़ेगा। इससे लोगों को आजीविका कमाने में आसानी होगी। उन्होंने पंचायत में अमृत सरोवर, राशन डिपो, सरकारी स्कूल, चल रहे विकास कार्य, आदि का दौरा किया। इस दौरान विभागों के कर्मचारियों से कहा कि जो लोग सरकारी योजनाओं से वंचित हैं, उन्हें तत्काल सरकारी योजनाओं से जोड़ें। मौके पर सरपंच कुसुम लता, पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह, आदि मौजूद थे। बैक टू विलेज-5 का आयोजन ऐसे समय हुआ है जब पंचायतों में फसलों की कटाई चल रही है। ऐसे में लोग कार्यक्रम से वंचित रह जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कार्यक्रम को बाद में रखना चाहिए था।
अरनिया ब्लॉक की पंचायत जबोबाल, तरेबा, आल्हा, पिंडी चाढकां, कठार, पचेल, चक माजरा में भी बैक टू विलेज-5 कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पंचायत पचेल के सरपंच सुभाष सिंह सैनी ने कहा है कि बैक टू विलेज कार्यक्रम खानापूर्ति है। इसका कोई फायदा लोगों को नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कार्यक्रम के दौरान विजिटिंग ऑफिसर रफीक के संज्ञान में लाया गया कि एक साल से अरनिया तहसीलदार का दफ्तर अतिरिक्त कार्यभार पर चल रहा है। एक साल में लगभग पांच तहसीलदार चार्ज ले चुके हैं, परंतु किसी भी तहसीलदार की नियुक्ति स्थायी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उनकी इस बात को पंचायत सचिव ने बीच में ही रोक दिया। इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीणों की समस्या ही नहीं सुननी तो सरकार के ऐसे कार्यक्रमों का कोई मतलब नहीं रह जाता।