जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के समर्थन में शनिवार को दूसरे दिन भी कांग्रेस के कई नेताओं और पदाधिकारियों का प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का सिलसिला जारी रहा। इन नेताओं ने आजाद को पूरा समर्थन देने का एलान किया है। आजाद की ओर से बनाई जाने वाली नई पार्टी में ऐसे नेताओं को जगह देने की योजना है।
आजाद के समर्थन में इस्तीफे देने वालों में डीडीसी सदस्य पुंछ रियाज बशीर नाज, रामबन से कांग्रेस नेता शाहरुख भट्टी, पूर्व डीसीसी उपप्रधान आरिफ सलारिया, पूर्व डीसीसी सचिव अत्ता मोहम्मद जरगर, बटोत ब्लॉक उपप्रधान मोहम्मद इशहाक, ब्लाक उपप्रधान मोहम्मद तारिक राथर, बटोत ब्लॉक के प्रवक्ता अनीस देव, बटोत महासचिव दिलशाद अहमद, मीडिया को-ऑर्डिनेटर शाहिर अकताब, रोहित अंथल शामिल हैं।
इनके अलावा अन्य नेता भी इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं। आजाद के करीबी जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद का कहना है कि अभी उन्होंने इस्तीफे पर विचार नहीं किया है। इससे पहले उनके गुट के दस पूर्व मंत्रियों, विधायकों ने भी अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
आजाद के खुद की पार्टी बनाने के ऐलान के बाद जम्मू कश्मीर में अन्य नेता भी उनक समर्थन में आ सकते हैं। ऐसे में इस्तीफा देने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। इससे प्रदेश कांग्रेस में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से आजाद के समर्थन में इस्तीफा देने वालों में इंद्रवाल विधानसभा से पूर्व मंत्री व विधायक जीएम सरूरी, देवसर कुलगाम विधानसभा से पूर्व विधायक मोहम्मद आमीन भट्ट, रियासी विधानसभा से पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री जुगल किशोर, पूर्व एमएलसी नरेश गुप्ता, पूर्व एमएलसी आरएस चिब, सोपोर (बारामुला) से पूर्व विधायक हाजी अब्दुल रशीद ने इस्तीफा दे दिया है।
इसके अलावा सुरनकोट से पूर्व विधायक चौधरी मोहम्मद अकरम, अनंतनाग से पूर्व विधायक गुलजार अहमद वानी, मुनीर अहमद मीर (लोलाब) और सलमान नाजमी हैं। पार्टी के अन्य कई वरिष्ठ नेता भी आजाद के समर्थन में पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
पार्टी हाईकमान ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति के लिए सात समितियों का गठन किया था, जिसमें भी राय के मुताबिक पार्टी में जगह न देने से क्षुब्ध आजाद ने प्रचार समिति के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय भी जीएम सरूरी सहित छह पूर्व विधायकों ने आजाद के समर्थन में इस्तीफा दिया था।
इन लोगों को विभिन्न समितियों में शामिल किया गया था। रियासी विधानसभा से पूर्व विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने इस्तीफा देने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वह आजाद के साथ नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।