स्काॅस्ट ने गांव में पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए करवाया प्रशिक्षण शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। गांव बाना चक में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्काॅस्ट) जम्मू के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती के फायदों से जागरूक किया।
समग्र कृषि विकास कार्यक्रम की वैकल्पिक कृषि प्रणाली के तहत सतत व पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को प्रशिक्षण शिविर हुआ। इसमें बड़ी संख्या में किसानों व ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में परियोजना के मुख्य अन्वेषक व प्रोफेसर डॉ. बलवीर धोत्रा ने मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारने, रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के बारे में बताया। इसके साथ ही सुरक्षित व स्वास्थ्यप्रद भोजन उत्पादन के लिए प्राकृतिक व जैविक खेती के महत्व के बारे में बताया। प्रतिभागियों को जीवामृत, बीजामृत, पंचगव्य, जैविक खाद तथा प्राकृतिक कीट प्रबंधन विधियों सहित प्राकृतिक खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत कम हो सकती है। किसानों की आय बढ़ सकती है। पर्यावरणीय संतुलन भी बना रह सकता है। कार्यक्रम में किसानों ने विशेषज्ञों से सक्रिय रूप से संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। किसानों ने भविष्य में ऐसे जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाने की मांग की।