सांबा। कृषि विभाग ने मंगलवार को कस्बे में जागरूकता कार्यक्रम करवाया। इसमें मधुमक्खी पालकों को सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। मधुमक्खी पालक शीश पाल का कहना है कि कई बार माइग्रेशन के दौरान उन्हें सहायता नहीं मिलती है। वे हरियाणा, गुजरात के लिए जाते हैं। सरकार की ओर से दी जा रही सात हजार की राशि के साथ बिल भी दिया जाए। कृषि विभाग की अधिकारी आशु जम्वाल ने कहा कि सरकार की ओर से माइग्रेशन के लिए सहायता दी जाती है। मधुमक्खी की पेटी के लिए सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए विभाग को बिल देने होते हैं। संवाद