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Jammu News: प्रदेश में रोजाना औसतन 30 लोग डेंगू के डंक का शिकार

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-बरसात के साथ बढ़ने लगे मच्छरों के हमले, अब तक 189 पीड़ित, जम्मू जिला में 58 प्रतिशत तक
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- शहर के कई क्षेत्र हाट स्पाॅट बन रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मानसून के सक्रिय होने के साथ मच्छरों के हमले बढ़े हैं। शहर के कई क्षेत्र हाट स्पाॅट बन रहे हैं। इन इलाकों में 15 या उससे अधिक मामले मिल चुके हैं। प्रदेश में रोजाना औसतन 25 से 30 लोगों को डेंगू का डंक लग रहा है।
मच्छरों के काटने के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग के साथ आम लोगों की चिंता बढ़ रही है। हालांकि पिछले साल की तुलना में डेंगू अभी नियंत्रण में है।अब तक प्रदेश में 189 डेंगू के मामले मिल चुके हैं, जिसमें जम्मू जिला में कुल मामलों पर 58 प्रतिशत से सर्वाधिक 111 मामले हैं। यहां रोजाना 15 तक डेंगू के मामले मिल रहे हैं। इसके साथ सांबा और कठुआ में 17-17 तथा राजोरी में 13 मामले मिल चुके हैं। बताया जा रहा है कि मुट्ठी और रूप नगर में अधिक मामले आने पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावी रणनीति बनाई है। इसमें अधिक डेंगू वाले क्षेत्रों में टारगेट क्षेत्र के आधार पर फागिंग और अन्य बचाव अभियान चलाया जाएगा।
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विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर और अक्तूबर में डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका है। जम्मू में पिछले दो दिन से लगातार बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसमें खासतौर पर नरवाल, ट्रांसपोर्ट नगर, एसआरटीसी यार्ड, बस स्टैंड आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां टायरों या अन्य स्र्तों में पानी जमा रहता है। इससे मच्छरों के पनपने का अधिक खतरा रहता है। इसी तरह शहर के संकरी गली मोहल्लों में फागिंग अभियान के न पहुंचने के कारण इन क्षेत्रों में भी डेंगू अधिक फैलता है।
वर्ष 2013 में गांधीनगर में 138, छन्नी हिम्मत में 127, नानक नगर में 119, त्रिकुटा नगर में 117, डिग्याना में 115, जानीपुर में 85, भगवती नगर में 83, गंग्याल में 71 डेंगू के मामले मिले थे। पिछले साल प्रदेश में 6403 डेंगू के मामले मिले थे, जिसमें जिला जम्मू में 63 प्रतिशत के हिसाब से 4035 मामले थे। इसमें 10 पीड़ितों की मौत हुई थी। इससे पहले वर्ष 2022 में 8269 डेंगू के मामले मिले थे और 18 पीड़ितों की मौत हुई थी।
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घबराएं नहीं, बचाव के साथ तुरंत उपचार लें
स्टेट मलेरियाजिस्ट डाॅ. डीजे रैना का कहना है कि मच्छरों के सफाए के लिए जरूरी अभियान चलाए गए हैं। डेंगू के लक्षण मिलने पर घबराने के बजाय बचाव के उपाय करने चाहिए। अगर बुखार नियमित रह रहा है तो शीघ्र डेंगू का परीक्षण करवाएं। सरकारी अस्पतालों में डेंगू पीड़ितों के लिए सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। घर पर खुद लंबा इलाज न लेते रहें और डाॅक्टर से संपर्क करें।
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