दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त का बेसब्री से इंतजार रहेगा। इस बीच बुधवार को शहरवासी दिनभर दिवाली की तैयारियों में जुटे रहे। पूजन सामग्री के अलावा सजावट के सामान के लिए जमकर खरीदारी की गई। दिवाली पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अलावा घरों में लक्ष्मी मां का पूजन कर सुख समृद्धि और धन वृद्धि की कामना की जाएगी।
कार्तिक अमावस्या में प्रदोष काल एवं अर्धरात्रि व्यापिनी हो तो दिवाली का दिन विशेष प्रशस्त माना गया है। इस वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या दिवाली की अर्धरात्रि तक रहेगी। दिवाली योग विषकुंभ और करण चतुष्पाद पर है। ज्योतिषियों के अनुसार जो व्यापारीगण सुबह अपने प्रतिष्ठान में पूजन अर्चन करते हैं, उनके लिए शुभ का चौघड़िया सुबह 6:28 बजे से 8.30 बजे तक होने का उत्तम समय है।
इसी तरह लाभ का चौघड़िया दोपहर 1:42 बजे से 3.06 तक, अमृत का चौघड़िया में दोपहर 3:06 से 4:30 तक पूजन अत्यंत शुभ है। घर पर पूजन शाम 5:49 से 7:41 तक शुभ चौघड़िया-मेष लग्न में कर सकते हैं। जो स्थित नवांश में पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए समय 5:49 से 5:52 तक वृषभ नवांश है। शाम 6:16 से 6:26 बजे तक मेष लग्न सिंह नवांश है।
शाम 6:50 से 7:00 तक मेष लग्न वृश्चिक नवांश में पूजन कर सकते है। शाम 7:15 से वृषभ लग्न है फिर 7:28 से 7:37 तक वृषभ लग्न कुंभ नवांश है। त्रेता युग में भगवान राम जब रावण को हराकर अयोध्या लौटे तब भगवान श्रीराम के आगमन पर दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया और खुशियां मनाई गईं।