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नौशेरा

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नौशेरा। केंद्र सरकार की आयुष्मान बीमा योजना के तहत किए सर्वे को लेकर लोग में काफी रोष है। सर्वे सूची में नाम न होने से नाराज लोगों ने प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। कह रहे हैं कि अयोग्य लोगों के नाम सूची में डाल दिए गए हैं जबकि योग्य को पूछा भी नहीं जा रहा। जिन लोगों के नाम सर्वे सूची में डाले गए हैं, वे आर्थिक तौर पर संपन्न हैं और अच्छी नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने प्र्रशासन से मांग की है कि उनका नाम भी सर्वे सूची में डाला जाए ताकि उन्हें भी केंद्रीय बीमा योजना लाभ मिल सके। इधर एडीसी नौशरा सुखदेव सिंह समयाल ने लोगों को भरोसा दिया है कि हर योग्य पात्र का नाम योजना में शामिल किया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।
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घर चलाना मुश्किल इलाज की तो सुविधा मिले
वार्ड नंबर आठ के निवासी अरविंद गुप्ता ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि वह सब्जी की छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान बीमा योजना का जो सर्वे हुआ है, उसमे उनके समेत कई लोगों के नाम नहीं हैं जबकि अयोग्य लोग जो आर्थिक संपन्न हैं, उनके नाम शामिल कर लिए गए हैं। सरकार से मांग की जाती है कि सर्वे करवाकर योग्य लोगों को लाभ दिया जाए। नीलम कुमारी पत्नी नरेंद्र कुमार निवासी थाती (राजल) ने बताया कि मेरे दो बच्चे दिव्यांग हैं, परिवार चलाना मुश्किल है, इसके बावजूद भी केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ नही मिल रहा। सर्वे कर हमारा नाम डाला जाये ताकि दुख की घड़ी में परिवार का इलाज कराने में कोई मुश्किल न आए। एडवोकेट वरुण गुजराल ने बताया कि केंद्रीय योजनाओं का लाभ योग्य लोगों को मिलना चाहिए लेकिन आयुष्मान बीमा योजना के सर्वे में योग्य लोगों का नाम शामिल नहीं होने से उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन जल्द से जल्द सर्वे कराकर योग्य लोगों का नाम सूची में शामिल करें। इस संबंध में साहिल वर्मा ने बताया कि योग्य लोगों के नाम सूची में नहीं आने से उन्हें परेशानी झेलन पड़ रही है। प्रशासन जल्द सर्वे करवा इनका नाम सूची में दर्ज करे। पंडित नरेंद्र शर्मा ने भी प्रशासन ये यही मांग की है।
बीपीएल कार्ड न बनने से रह गए हैं लोग
2011 के सर्वे में उन लोगों के नाम शामिल नही हो पाए थे जिनके बीपीएल राशन कार्ड नहीं बन पाए थे। अब इनके नाम शामिल किए जाएंगे। पिछले दिनों जम्मू के डिविजनल कमिश्नर संजीव वर्मा जब नौशेरा के दौरे पर आए थे तो लोगों ने उनसे भी सर्वे सूची में नाम शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को हिदायत भी दी थी कि जो बीपीएल परिवार सर्वे में छूट गए हैं, उनकी भी सूची जल्द बनाई जाए ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके।
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सुखदेव सिंह समयाल एडीसी नौशेरा
बंद कमरे में बनी सूची, तभी हुआ ऐसा
नौशेरा के वार्ड नंबर तीन के पार्षद विजय कुमार बख्शी ने कहा कि बंद कमरे में बैठकर सूची बनाई गई है, तभी तो अयोग्य लोगों के नाम सूची में दर्ज कर लिए गए और योग्य पात्रों को बाहर कर दिया गया। उन्होंने गवर्नर सत्यपाल मलिक व केंद्र सरकार से वंचित पात्रों के नाम भी सूची में डालने की मांग की है।
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12 लाख लोग योजना के तहत रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
30 हजार लोग लाभ उठा भी चुके हैं।
5 लाख तक का इलाज इस योजना के तहत फ्री है।
2011 की जनगणना के आधार पर ही सोशल वीकर सेक्शन को शामिल किया जा रहा है।
गोल्डन कार्ड जारी करने मेें जेएंडके अन्य राज्यों की तुलना में आगे है। कार्ड देने का सिलसिला जारी है।
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