जम्मू। जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी सेवा को बहाल कर दिया गया। एक माह से अधिक समय बाद खुली ओपीडी में फोन पर अप्वाइंटमेंट लेने वाले मरीजों को देखा गया। इसमें प्रत्येक यूनिट में 20-20 मरीजों को देखा गया। अस्पतालों के मुख्य गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मरीजों और तीमारदारों को भीतर जाने की इजाजत दी गई। एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार को आने की इजाजत है।
एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी, एसएमजीएस, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सुबह 10 बजे मरीजों और तीमारदारों का पहुंचना शुरू हो गया था। जीएमसी के ओपीडी कांप्लेक्स के बाहर पहले मरीज और तीमारदार की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसी तरह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल होने से पहले मरीजों और तीमारदारों को थर्मल स्क्रीनिंग के साथ अपने स्वास्थ्य, कोई यात्रा या अन्य कोविड संबंधी जानकारी ली गई। इसमें अपाइंटमेंट पर दिए गए फोन नंबर को चेक किया गया। अपाइंमेंट वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास पहचान पत्र देखा गया। जिसके बाद ही उन्हें संबंधित यूनिटों में स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया। आंशिक तौर पर बहाल की गई ओपीडी को लेकर मरीजों के साथ तीमारदारों को कुछ राहत मिली है। हालांकि अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं बहाल हैं। ओपीडी कांप्लेक्स में सामाजिक दूरी को कायम रखने के लिए सर्किल बनाए गए थे, इसी तरह पर्ची काउंटर पर भी यह व्यवस्था थी। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अधीक्षक डा. अरुण शर्मा ने बताया कि ओपीडी के दौरान कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीज और तीमारदार के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। इसी तरह एसएमजीएस की त्वचा ओपीडी के बाहर कुर्सियां लगाकर मरीजों को बैठाया गया था, जिसमें उनकी बारी पर उन्हें भीतर भेजा जा रहा था।
अस्पताल के अधीक्षक डा. मनोज चलोत्रा ने बताया कि अस्पताल के सभी यूनिटों में ओपीडी सेवा बहाल की गई है, इसमें सभी मानकों का गंभीरता से ध्यान रखा जा रहा है। बुधवार को होने वाली ओपीडी के लिए भी मरीजों की सूची फाइनल की जा रही है।
इन विभागों में ओपीडी बहाल
ओपीडी सेवाओं में शामिल होने वाले विभागों में आप्थैलमोलाजी/नेत्र, आर्थोपेडिक्स, मेडिसिन, सर्जरी, थबाल चिकित्सा, ईएनटी, गायनी, डर्माटोलाजी, आन्कोलाजी, कार्डियोलाजी, नेफरोलाजी, सीटीवीएस, न्यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी, एंडोक्रिनोलाजी, यूरोलाजी, चेस्टडिजीज, साइकाइटरी शामिल हैं। साइकाइटरी विभाग की ओपीडी जीएमसी के मेडिसन विभाग में चलेगी, क्योंकि साइकाइटरी अस्पताल कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहा है। छाती रोग की ओपीडी को भी वर्तमान व्यवस्था के तहत ही चलाया जाएगा। चेस्ट डिजीज अस्पताल भी कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहा है।