विधानसभा सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भी विधानसभा में खूब हंगामा हुआ। सत्र की शुरुआत में ही नेशनल पैंथर्स पार्टी और भाजपा के विधायकों ने जम्मू संभाग में बिजली और पानी की किल्लत पर हंगामा किया।
उनका आरोप था कि जम्मू संभाग में बिजली का कोई पक्का शेड्यूल नहीं है, कब बिजली आएगी, इसका कोई पता नहीं होता। इस कारण जम्मू संभाग के लोगों को गर्मियों में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
उनका यह भी आरोप था कि अगर किसी मोहल्ले का ट्रांसफार्मर जलता है तो कई महीनों तक नहीं ठीक हो पाता। भाजपा और पैंथर्स विधायकों ने इस मसले की सरकार द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने पर जमकर हंगामा किया।
डेलीवेजर, कैजुअल लेबर को स्थायी नौकरी की मांग
विधायकों ने यह सरकार निकम्मी है, के नारे लगाए और हाथों में बैनर लेकर रोष प्रकट किया। पैंथर्स पार्टी के विधायकों ने कई अन्य मुद्दों पर भी हंगामा किया। उनकी मांग थी कि डेलीवेजर और कैजुअल लेबर के तौर पर पिछले कई वर्षों से काम कर रहे लोगों को स्थायी नौकरी दी जाए।
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि कश्मीर संभाग में रहबर-ए-जरात के तहत नियुक्त युवाओं को स्थायी नौकरी दे दी गई, लेकिन जम्मू संभाग के रहबर-ए-जरात मुलाजिमों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। सरकार उनके लिए कुछ नहीं सोच रही है।
सदन में हर्षदेव सिंह, बलवंत सिंह मनकोटिया, दुर्गा दास, यशपाल कुंडल, अश्वनी कुमार आदि ने जमकर हंगामा किया। यह हंगामा करीब 20 मिनट तक जारी रहा और स्पीकर के आश्वासन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई।