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आचार संहिता के खौफ में विकास का ढोल पीटने की धूम

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रियासत में विधानसभा चुनाव की किसी भी वक्त घोषणा हो सकती है। ऐसे में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। नए कार्यों को शुरू करने पर रोक लग जाएगी।
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इस वजह से आचार संहिता लगने से पहले रियासत के मंत्री, विधायक तथा तमाम विभाग नए कार्यों को जल्द से जल्द शुरू करना चाहते हैं।

जो विकास कार्य पूरे हो गए हैं, उनके लोकार्पण की भी मंत्रियों में जल्दबाजी है। ऐसी स्थिति में रोजाना विभिन्न मंत्रियों, विधायकों तथा कार्यदायी संस्थाओं की ओर से विकास कार्य कराए जाने का ढोल पीटा जा रहा है।

ज्यादा से ज्यादा काम दिखाने की होड़

उप मुख्य चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी के दौरे के बाद पिछले 15 दिनों से लोकार्पण तथा शिलान्यास कार्यक्रमों की बाढ़ आ गई है। जम्मू शहर, उधमपुर, कठुआ, राजोरी में तमाम विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए।

मंत्री तथा विधायक जनता के बीच जाकर इन कार्यों का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही उनके दुख-दर्द में साथ होने का दावा कर रहे हैं। उन्हें यह समझाने की भरपूर कोशिश की जा रही है कि वे ही क्षेत्र का विकास करा सकते हैं तथा उन्हें क्षेत्र से खासा लगाव है।

ऐसा माना जा रहा है कि शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत के रियासत के दौरे के बाद किसी भी वक्त चुनाव तिथियों का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। मंत्रियों तथा सरकार के हाथ में बंधन पड़ जाएगा।
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चुनाव आया तो आई याद

दनादन हो रहे लोकार्पण तथा निर्माण कार्यों पर लोगों का कहना है कि जब चुनाव करीब आया तो जनप्रतिनिधियों को उनकी याद आई। उनका यह भी कहना है कि चुनाव का परिणाम क्या होगा यह तो कोई नहीं जानता लेकिन जनप्रतिनिधियों की मंशा यह भी है कि लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा विकास कराने का श्रेय लिया जा सके, ताकि इसका फायदा उन्हें चुनाव में मिले।

उनके नाम का एक शिलान्यास पत्थर लग जाए। विपक्षी पार्टी भाजपा, पीडीपी तथा पैंथर्स ने सरकार को जनता का दुख दर्द दूर करने तथा विकास कार्यों के लिहाज से फिसड्डी बताया है। पैंथर्स पार्टी के विधायक हर्षदेव सिंह का कहना है कि सरकार जनता की आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी।
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