आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के डोडा में तनावपूर्ण शांति है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने मंगलवार रात से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। बुधवार को इन प्रतिबंधों का दायरा भद्रवाह तक बढ़ा दिया गया। सभी निजी व सरकारी स्कूल, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है। इस बीच, जम्मू पहुंचे पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मेहराज की पीएसए के तहत गिरफ्तारी को अवैध और असंवैधानिक करार दिया।
मेहराज मलिक पर अफवाह फैलाने, आतंकियों का महिमामंडन करने, महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह को अपशब्द कहने और सरकारी अस्पताल के कार्य में बाधा डालने के आरोप हैं। उन्हें आठ सितंबर को पीएसए के तहत गिरफ्तार कर कठुआ जिला जेल भेज दिया गया। इसके बाद उनके समर्थकों ने डोडा जिले में कई जगह उग्र प्रदर्शन किए। पुलिस पर पथराव किया। इसमें दो अधिकारियों सहित कम से कम आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस से झड़प में पांच प्रदर्शनकारी भी जख्मी हुए थे।
बुधवार को सुबह करीब 11 बजे तक विधायक के समर्थकों ने डोडा में कुछ स्थानों पर फिर से उग्र प्रदर्शन किया। कस्बे में एक मस्जिद के पास भी प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर कर दिया। पुलिस से झड़प के दौरान काहरा की पूर्व डीडीसी सदस्य फातिमा फारूख बेहोश हो गईं। डॉक्टरी जांच में उनकी स्थिति सही पाई गई। इसके बाद पुलिस से उलझने के आरोप में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने 60 और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
शांति और व्यवस्था में संभावित गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच डोडा के जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस संबंध में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ठाकुर ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक पूरे जिले में चार या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। कोई भी व्यक्ति भड़काऊ भाषण नहीं देगा, नारे नहीं लगाएगा या ऐसे हाव-भाव नहीं दिखाएगा जिससे शांति और सांप्रदायिक सद्भाव भंग हो। सार्वजनिक रूप से लाठी या धारदार हथियार ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश में उन्होंने डोडा के एसएसपी को इन प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधों को उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि डोडा शहर और आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया है। भद्रवाह, गंडोह, भलेसा, चिल्ली पिंगल, कहारा और ठाठरी सहित जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। दवा की दुकानें खुली रहेंगी। पुलिस लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दे रही है। सड़कों पर यातायात कम रहा। स्थानीय लोगों ने इंटरनेट सेवा बाधित होने का दावा किया लेकिन जिले के अधिकारियों ने प्रतिबंध से इन्कार किया है।
डोडा कस्बे को जाने वाले मार्गों पर नाके
डोडा कस्बे में भीड़ जुटने की आशंका के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले भी रास्तों पर पुलिस ने नाके लगा रखे हैं। कस्बे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र जांचा जा रहा है।
जम्मू, राजौरी और किश्तवाड़ में भी प्रदर्शन
मेहराज की गिरफ्तारी के विरोध में जम्मू, राजौरी, पुंछ और किश्तवाड़ में भी विरोध प्रदर्शन हुए। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने मलिक की हिरासत की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि मलिक से कोई खतरा नहीं है और उन्होंने पीएसए के तहत गिरफ्तारी को गलत बताया।
आतंकियों के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली धारा एक निर्वाचित सदस्य पर अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की आवाज उठाने के लिए लगाई गई है। यह बहुत गलत है। भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दमनकारी हथकंडे अपनाकर आप को निशाना बना रहे हैं। हम इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर, संसद में और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ेंगे।
-संजय सिंह, सांसद, आम आदमी पार्टी
डोडा में हालात के लिए उपराज्यपाल जिम्मेदार : फारूक
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जन सुरक्षा अधिनियम के तहत विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के बाद से डोडा अशांत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नियंत्रण में है। डोडा में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए वही जिम्मेदार होंगे।
हजरतबल घटना से ध्यान भटकाने की चाल है गिरफ्तारी : महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में हजरतबल दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक विवाद से ध्यान भटकाने के लिए मेहराज मलिक को बलि का बकरा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि माफी मांगने और वक्फ बोर्ड और उसके अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिन्होंने अपवित्रता के खिलाफ अपना गुस्सा व्यक्त किया था। गिरफ्तारी एक चाल लगती है।