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Jammu News: तहसील प्रशासन नहीं कर रहा काम, जनप्रतिनिधि और नेता भी अनजान

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क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खुलने को लेकर लोगों के चुने प्रतिनिधि ही सचेत नहीं
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कुछ नेता मामले से अनजान, अभी केवी के लिए लंबा हो सकता है इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने की जरूरतें पूरी करने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी है। तहसील प्रशासन तो इस मामले में अब तक हाथ पर हाथ धरे ही बैठा है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र की सुविधाओं के लिए जनप्रतिनिधि और राजनेता भी सचेत नहीं हैं। कुछ को परियोजना की जानकारी नहीं है। और जिन्हें पता भी है वे इसमें कोई रुचि नहीं ले रहे।
क्षेत्र में केवी खुलने का प्रस्ताव आठ माह पुराना है। इसकी जरूरतें पूरी करने के लिए तहसील प्रशासन को तीन महीने पहले बोला गया है। लेकिन, तहसील अधिकारी लोगों के लिए ऐसी जरूरतों को पूरा कर अपने आराम में कमी नहीं करना चाहते। इसलिए, उन्होंने काम नहीं किया। ऊपर से लोगों के पास वोट मांगने आने वाले जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी इस विकास कार्य को पूरा करवाने में अपना कोई योगदान नहीं दे रहे। इस कारण अरनिया में केवी खुलने में लंबा समय लग सकता है। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र के लोगों में केवी को लेकर उत्साह है। कस्बे के पार्षद और लोग शनिवार को ही तहसीलदार से मिले थे, और क्षेत्र में केवी का रास्ता साफ करने की प्रार्थना की थी।
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केवी खुलने के मामले में भाजपा नेता व नगरपालिका चेयरमैन रमेश सैनी का कहना है कि तहसील प्रशासन की लेटलतीफी को लेकर उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात की थी। केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए उन्होंने अपने स्तर पर जगह भी प्रस्तावित की है। अब जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का इंतजार है। वहीं, भाजपा नेता व डीडीसी सदस्य अरनिया सुरेखा देवी कहती हैं कि केवी खुलने के बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं है। बता दें कि अरनिया के ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्य इन्हीं की देखरेख में होना है। उधर, कांग्रेस नेता और पार्षद कैलाश चंद्र सैनी ने कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधि केवी को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसका खामियाजा अरनिया के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वे केवल उद्घाटन कर फोटो खिंचवाते हैं। ऐसा लगता है कि विकास कार्य उनका काम ही नहीं। इनकी लापरवाही से केवी का मामला लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें केवी के मुद्दे का पता चला तो सबसे पहले तहसीलदार को इस पर संज्ञान लेने के लिए कहा है। तहसीलदार बुधवार तक स्थिति स्पष्ट करेंगी।
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