सेना का हेलीकाप्टर ध्रुव बुधवार की शाम बांडीपोरा जिले के साफापोरा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सैन्य प्रवक्ता बृजेश पांडे ने बताया कि हेलीकाप्टर ध्रुव में सवार चालक लेफ्टीनेंट कर्नल राज गुलाटी तथा सह चालक मेजर ताहिर हुसैन खान की मौत हो गई।
हेलीकाप्टर रातकालीन प्रशिक्षण उड़ान पर था। हेलीकाप्टर की लपटों से जंगल में भी आग लग गई। सैन्य प्रवक्ता कर्नल एनएन जोशी ने ध्रुव हेलीकाप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्हें अचानक आसमान से कुछ गिरता दिखाई दिया, जो काफी दूरी पर था। जैसे ही वह लमान जंगल क्षेत्र में गिरा तो जोरदार धमाका हुआ और जंगल से धुएं का गुब्बार उठता दिखा।
सेना ने दिए जांच के आदेश
पुलिस के अनुसार यह सेना का हेलीकाप्टर था। मौके से दो शव बरामद हुए हैं, जो पायलट और सह पायलट के हो सकते हैं।
शव बुरी तरह जलने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पाई है। घटना के तुरंत बाद जंगल में आग भी लग गई, जिसे खबर लिखे जाने तक बुझाने की कोशिश जारी थी।
सेना के प्रवक्ता बृजेश पांडे ने बताया कि कि यह हेलीकाप्टर सेना की 13
आरआर के हेलीकाप्टर यूनिट का था, जो नियमित ट्रेनिंग सार्टी पर था।
हेलीकाप्टर ने शाम सात बजे मानसबल बेस से उड़ान भरा था।
किसी चीज से टकराने के बाद हुई दुर्घटना
इसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर सवार थे। पांडे के अनुसार करीब 40 मिनट बाद हेलीकाप्टर का संपर्क बेस से टूट गया और वह लमान जंगल क्षेत्र में किसी चीज से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
उन्होंने बताया कि फिलहाल जांच जारी है। जांच के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता लग पाएगा। पुलिस, सेना और दमकल विभाग की टीमें खबर लिखे जाने तक घटना स्थल पर मौजूद थीं।
पहले भी हुई है दुर्घटना
घाटी में पहले भी सेना के विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। 27 मई 2014 को एयरफोर्स का मिग 21 बिजबिहाड़ा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें स्कावड्रन लीडर रघुवंशी की मौत हो गई थी।