1999 के कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले पोर्टरों को 15 साल के हिसाब का इंतजार है। पोर्टरो ने मांग करते हुए विशेष मुआवजा या फिर सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
हालांकि पोर्टरों को उम्मीद है कि मोदी सरकार उनके लिए जरूर कुछ करेगी, क्योंकि जिस वक्त उन्होंने इस युद्ध में हिस्सा लिया, तब भी भाजपा की सरकार थी।
अब भी केंद्र सरकार में भाजपा है तो उम्मीद है कि उनकी मांगों की तरफ ध्यान दिया जाएगा। जम्मू के 200 पोर्टर ऐसे हैं, जिन्होंने युद्ध में अपना अहम योगदान दिया।
पोर्टर गारा राम, परमजीत, तिलक राज, प्रवीण कुमार ने बताया कि कारगिल युद्ध में पोर्टरों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।