पाकिस्तानी गोलाबारी में क्षतिग्रस्त मकान व कार
- फोटो : साकिब नबी
पाकिस्तानी सेना की गोलबारी से प्रभावित विलगाम के तुमना और हछामर्गी गांवों में लोगों की मदद के लिए सेना के जवान पहुंचे। प्रभावित लोगों को राशन, कंबल और नकदी बांटी गई। लोगों ने सेना के इस कदम की सराहना की। साथ ही मांग भी कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए।
बता दें कि उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले के विलगाम में रविवार को हुई पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में आठ साल के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। गोलाबारी में एक मकान पूरी तरह तबाह हो गया जबकि कुछ मकानों और गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान करीब 9 लोग घायल हुए थे जिनमें से 2 को श्रीनगर के स्किम्स रेफर किया गया है।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि विलगाम बटालियन ने प्रभावित लोगों में करीब 1 लाख नकद राशि और करीब 50 हजार रुपये के कपड़े, कंबल और बर्तन आदि बांटे। खाने-पीने का सामान भी दिया गया। इसके अलावा जिला प्रशासन की तरफ से भी करीब 52 हजार रुपये और 10 हजार रुपये का समान लोगों में बांटा गया।
गोलाबारी रोकने को ठोस कदम उठाएं
प्रभावित लोगों ने गोलाबारी पर रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। एक स्थानीय निवासी इरशाद अहमद कटारिया ने बताया कि जब कभी भी भारत-पाकिस्तान के बीच गोलाबारी शुरू होती है तो पाकिस्तान हमारे रिहायशी इलाकों को निशाना बनाता है। इसमें जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता है।