रावत ने बताया कि पत्थरबाजों के साथ भी आतंकवादियों की तरह ही सलूक क्यों ना किया जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस जवान की पत्थरबाजी की घटना में मौत हुई है, वो सीमा सड़क टीम की सुरक्षा में लगा था, जो सड़कों का निर्माण कर रही है।
आपको बता दें कि दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में गुरुवार की शाम पत्थरबाजी में घायल हुए सेना की क्विक रिएक्शन टीम के जवान की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। शहीद की शिनाख्त सिपाही राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है जो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बदैना गांव के थे।
उन्होंने 2016 में सेना को ज्वाइन किया था। वीरवार की शाम लगभग छह बजे बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन का काफिला हाईवे पर अनंतनाग बाईपास के पास से गुजर रहा था तभी पत्थरबाजी की चपेट में आ गया। राजेंद्र काफिले की सुरक्षा में तैनात थे जिन्हें सिर पर चोट आई। उन्हें इलाज के लिए श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया था।