सुरनकोट सेक्टर में संयुक्त अभियान
अधिकारियों के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर सुरनकोट सेक्टर के द्राबा इलाके में यह तलाशी अभियान चलाया गया था। इस सफल ऑपरेशन को सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम ने अंजाम दिया, इसमें भारतीय सेना की 16 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 38वीं बटालियन शामिल थीं। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को कई खतरनाक विस्फोटक और उपकरण मिले। वर्तमान में इलाके में सघन तलाशी अभियानजारी है।
पुंछ जिले में हालिया कार्रवाइयां
हाल के दिनों में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसओजी ने जिले के अन्य जंगली इलाकों में भी आतंकियों की कमर तोड़ी है। इन इलाकों में कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। यहां से सैकड़ों लाइव मशीन गन राउंड (जैसे पिका और सामान्य-उद्देश्य मशीन गन के कारतूस), आईईडी, हैंड ग्रेनेड और एके-सीरीज की राइफलें बरामद की गईं।
पड़ोसी जिले राजौरी में भी आतंकियों पर कड़ा प्रहार
पुंछ के साथ-साथ राजौरी जिले में भी एंटी-टेरर ऑपरेशन और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यहां के गंभीर मुगलां और डोरीमाल जंगलों में हुए एक एनकाउंटर के बाद सेना, एसओजी और सीआरपीएफ ने बड़े पैमाने पर संयुक्त अभियान शुरू किया। प्राकृतिक गुफाओं में छिपे संदिग्ध विदेशी आतंकियों को बाहर निकालने के लिए ड्रोन, हेलीकॉप्टर और स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल किया गया। राष्ट्रीय राइफल्स ने यहां एक और ठिकाने को नष्ट किया। मौके से इस्तेमाल के लिए तैयार एक आईईडी, कपड़े और जरूरी राशन बरामद हुआ।
इस्लामपुर भंगाई (थन्नामंडी)
सुरक्षाबलों ने यहां आतंकियों के एक छिपे हुए लॉजिस्टिक बेस को पकड़ा। इसमें आतंकियों के छिपने और जीवित रहने के लिए जरूरी सामान जैसे- कंबल, गैस स्टोव और खाद्य पदार्थ मौजूद थे। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि ये लगातार हो रही बरामदगियां पुंछ और राजौरी जैसे सीमावर्ती जिलों में आतंकी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने और हमलों को विफल करने के लिए सुरक्षाबलों की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।