पाकिस्तान की ओर से गांव और ग्रामीणों को टारगेट बनाकर उन्हें निशाना बनाने पर जवानों ने इसे बुजदिली करार दिया है। उन्होंने कहा कि बार्डर पर जवान इसलिए तैनात किए जाते हैं कि वे लोग अपने लोगों के जानमाल की हिफाजत कर सके, लेकिन ऐसे हालात बहुत कम बार पैदा होते हैं कि सिविलियन को निशाना बनाए जाए।
पाकिस्तान की ओर से ऐसा करके बुजदिली का सबूत दिया जा रहा है। ऐसा कहना है कि जीएमसी में घायल अवस्था में पहुंचे बीएसएफ के जवानों का। उत्साह से भरे जवानों ने ‘हथियार ही उनकी जात है और हथियार ही उनकी पत्नी’ कहते हुए साफ किया है कि वे अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। दुरुस्त होने पर दोबारा मोर्चा संभालेंगे।
'बुजदिल है पाकिस्तानी सैनिक'
एसएच वे, बीएसएफ पोस्ट पर हुई गोलाबारी में घायल होकर जीएमसी रेफर किए गए कांस्टेबल इरफान खान (निवासी गांव गोकिका, तहसील कोट कासिन, जिला अलवर राजस्थान)का कहना है कि उन्होंने बीएसएफ ज्वाइन करते समय ही हथियार से बंधन स्थापित कर लिया था।
उसे ही अपनी जात और पत्नी स्वीकार करके अब तक मोर्चा संभाला और भविष्य में भी संभाले रखेंगे। उन्होंने बताया कि उनके बंकर में बम गिरा था, जिसमें उनके समेत दो साथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने गांवों को रेंज में लेकर टारगेट बनाने पर पाकिस्तान को बुजदिली करार दिया है।
ठीक होते ही फिर से सीमा पर जाने की तैयारी
कांस्टेबल इरफान खान उन्होंने कहा कि उनकी दाई टांग पर गंभीर घाव हुआ। बावजूद उनमें उत्साह कम नहीं हुआ है। वह दुरुस्त होने पर दोबारा से सीमा पर जाना चाहते हैं।
उधर, गांव माजरी, जिला झज्झर, हरियाणा निवासी हेड कांस्टेबल बजिंद्र सिंह भी उत्साह से भरे हैं। उन्होंने पाकिस्तान की हरकत पर दुख जताया और कहा कि गांवों, लोगों, माल मवेशी को निशाना बनाना एक जवान की भूमिका में नहीं है।