पीओके रिफ्यूजियों के लिए बनाए गए विशेष पैकेज पर कैबिनेट में चर्चा के दौरान पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा और ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री अली मोहम्मद सागर के बीच जमकर नोकझोंक हो गई।
बाद में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हस्तक्षेप कर मामला शांत करवाना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार रिफ्यूजियों के पैकेज पर चर्चा के दौरान सागर ने कहा कि इस सूची में कई नन स्टेट सब्जेक्ट वाले भी शामिल हैं।
इस पर शाम लाल ने ऐतराज जताते हुए कहा कि इससे तो वे उन्हें और उपमुख्यमंत्री तारा चंद, मंत्री रमन भल्ला, मनोहर लाल शर्मा भी इस श्रेणी ला रहे हैं। यह मसला कोआर्डिनेशन कमेटी में भी उठा था। बाद में इसे एपेक्स कमेटी में मंजूर किया गया।
सबकुछ सिस्टम के अनुसार बना है। ऐसे में सागर बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं। मंत्री सागर ने सगीर कमेटी की रिपोर्ट का मसला भी उठाया जिस पर शाम लाल ने एतराज जताया। बाद में कैबिनेट ने पीओके रिफ्यूजियों के लिए पैकेज को मंजूरी दे दी।