बीते सोमवार दोपहर को मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुआ अर्धकुंवारी-हिमकोटी मार्ग मंगलवार सुबह लगभग आठ बजे करीब 18 घंटे बाद माता वैष्णो देवी की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण पत्थर तथा कीचड़ आदि जमा हो गया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने इस मार्ग को बंद कर दिया था। इसके बाद जेसीबी मशीनें, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने लगातार मलबा हटाने का अभियान चलाया।
अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रात्रि के समय भी अभियान जारी रहा। मार्ग बहाल होने पर श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। इस मार्ग पर चलने वाली बैटरी कार सेवा भी बहाल हो गई है।हालांकि धर्मनगरी कटड़ा से चलने वाली महत्वपूर्ण हेलिकॉप्टर सेवा पिछले छह दिन से बंद पड़ी हुई है। त्रिकुटा पर्वत पर घने बादलों का जमघट लगा हुआ है।
इस वजह से मंगलवार को भी हेलिकाप्टर उड़ान नहीं भर सके। श्रद्धालुओं को पैदल, घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि का सहारा लेकर मां वैष्णो देवी के भवन की ओर रवाना होना पड़ा। मंगलवार को भवन तथा भैरव घाटी के मध्य चलने वाली रोपवे केबल कार सेवा जारी रही।
भवन की ओर रवाना हुए श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान मंगलवार तड़के बारिश का सामना करना पड़ा। लगातार मौसम सुहावना बना हुआ है। श्रद्धालु परिवार के साथ मां के जयकारे लगाते हुए यात्रा कर रहे हैं। पल-पल बदल रहे मौसम को लेकर सभी यात्रा मार्गों पर आपदा प्रबंधन दल के साथ श्राइन बोर्ड, पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान तैनात हैं और लगातार यात्रा पर निगाह रखे हुए हैं।