रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों पर करार के बाद अब अपोलो हॉस्पिटल्स भी जम्मू में 400 करोड़ से 550 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़े ब्रांड अपोलो ने इसके लिए जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ मंगलवार को समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है।
पहले चरण में 200 करोड़ से जम्मू में 250 बिस्तर क्षमता का अस्पताल बनेगा। इससे प्रत्यक्ष रूप से एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। दूसरे चरण में भी दो सौ करोड़ के निवेश से 300 बिस्तर वाला ब्लॉक तैयार होगा। दावा है कि बहु विशेषज्ञता वाले इस अस्पताल में जम्मू में उच्च दर्जे की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। अप्रत्यक्ष तौर पर भी बड़े स्तर पर इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। मंगलवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर और अपोलो हॉस्पिटल्स की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. प्रीथा रेड्डी ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए ।
अपोलो अस्पताल स्थापित करने के लिए एमओयू को निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है। इसमें स्थानीय लोगों को अब उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अपोलो हॉस्पिटल्स चरणबद्ध तरीके से अपनी सेवाओं का विस्तार करेगा। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास और सामाजिक आर्थिक विकास की एक नई यात्रा शुरू की गई है।
हर नागरिक को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर देने वाला जम्मू-कश्मीर देश का पहला प्रदेश है। अधिक उद्योग जुड़ाव और अधिक निवेश के साथ आने वाले वर्षों में जम्मू-कश्मीर मजबूती के साथ आगे बढ़ता जाएगा। इस दौरान मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी मौजूद रहे।
डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण केंद्र भी बनेगा
अपोलो हॉस्पिटल्स की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. प्रीथा रेड्डी ने कहा कि अपोलो अस्पताल जम्मू-कश्मीर में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्नीशियन और हेल्थ वर्करों के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी बनेगा। यहां न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि दूसरे राज्यों के लोग भी उपचार सेवाएं ले सकेंगे। जम्मू-कश्मीर हेल्थकेयर टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है। अपोलो की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य कर्मी यहां लाए जाएंगे। अपोलो यहां बनने वाले संस्थान व क्षेत्र को विश्व मानचित्र पर लाने का विजन रखता है।