वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। नारी अब अबला नहीं रह गई है, वह हर चुनौती से लड़कर प्रगति कर रही है। जो लोग बेटियों को बोझ समझते हैं उन्हें अपनी सोच बदलनी चाहिए। हम सभी को जागरूक होना होगा। -गुरप्रीत हांडा, वाइस प्रिंसिपल
मुझे लगता है कि इस तरह के कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण हैं। इससे समाज में लड़कियों के प्रति नजरिया बदला जा सकता है। लोग लड़कियों को कमजोर समझते हैं पर यह नहीं जानते कि जिम्मेदारियों का बोझ पड़ने पर बेटियां ही काम आती हैं। बेटियां अब अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी हैं। -बिसमागुल, छात्रा
महिलाओं को हर क्षेत्र में दबाया जाता है। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं के प्रति नजरिया बदला जा सकता है। एक शिक्षित महिला कई परिवारों को शिक्षा से जोड़ने का काम करती है। - सरनजीत कौर, छात्रा
लड़कियां किसी भी क्षेत्र में तरक्की कर लें, लेकिन समाज से उन्हें साकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल पाती है। लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए और मौके मिलने चाहिए। इस कार्यक्रम के जरिए मैं यह संदेश देना चाहती हूं कि महिलाएं कुछ भी करने में सक्षम हैं। -स्माइल, छात्रा