धुंध और कोहरे के बीच भी ट्रेनों के समय से परिचालन करवाने का रेलवे प्रशासन का दावा टांय-टांय फिस्स हो रहा है। ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने की सारी कवायद फेल साबित हो रही हैं। ‘एंटी फॉग डिवाइस’ हो या पटाखे से लाइन क्लीयरेंस की तरकीब, कुछ भी काम नहीं आ रहा है। रेल यात्री ट्रेनों के घंटों लेट होने से परेशान हो रहे हैं।
कोहरे के शुरुआती दिनों में ही एक्सप्रेस ट्रेनें औसतन पांच-सात घंटे की देरी से चल रही हैं, जिसने रेल यात्रियों की परेशानियां कड़ाके की ठंड में और बढ़ने लगी हैं। पंद्रह दिनों में जम्मू रेलवे स्टेशन पर आने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें अपने तय समय के घंटों देरी से पहुंच रही हैं।
कोहरे से सबसे अधिक प्रभावित उत्तर रेलवे ही हो रहा है। जबकि कोहरे को बेअसर करने के लिए फिरोजपुर डिवीजन समेत अन्य मंडलों की ट्रेनों में ‘एंटी फॉग डिवाइस’ लगाया गया था। डिवाइस लगने के बाद भी ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कई ट्रेनें रद्द तक हो रही हैं।
डिवाइस सिर्फ सेफ्टी के लिए
नार्दर्न रेलवे के सीपीआरओ ने कहा कि ‘एंडी फॉग डिवाइस’ सेफ्टी के लिए होता है, गति बढ़ाने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। ट्रेनों की लेटलतीफी का मुख्य कारण कोहरा है। डिवाइस लोको पॉयलट को सिग्नल का संकेत देती है। इससे गति बढ़ाने का कोई संबंध नहीं है।