अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार ने पंचायत स्तर तक लोगों को जागरूक करने की पहल की है। इसके लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। लोगों को ऑनलाइन सेवाओं और सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। शिविर में विभागीय कर्मचारी तो समय पर आ जाते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में आमजन की संख्या कम है। इस कारण कर्मचारी सुबह से लेकर शाम तक लोगों का इंतजार करने में समय व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं।
भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के तहत राहत और पुनर्वास विभाग की ओर से शुक्रवार को जिले में कई जगहों पर जागरूकता शिविर लगाए गए। यहां पर लोगों को भ्रष्टाचार से दूर रहने और सरकार की ओर से चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। विभागीय कार्यालय में सुबह 10 बजे से सहायक कमिश्नर राहत रीतिका अरोड़ा के नेतृत्व में शिविर लगाया गया। 11 बजे के बाद दो लोग पहुंचे। दोपहर दो बजे बीच-बीच में एक से दो लोग आते रहे। तीन बजे के बाद केवल कर्मचारी बैठे रहे। ऐसा ही कैंप कार्यालय का रहा। यहां भी जानकारी लेने आने वालों की संख्या बीस रही। नोडल अधिकारी ने मौके पर जाकर लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें योजनाओं का लाभ कैसे मिले, इसकी जानकारी दी। संचालन में जिम्मा संभाल रहे रितेश कुमार का कहना है कि शिविर कहां कहां लगने हैं, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। शिविरों में लोगों की संख्या बढ़े, उसके लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा।
डिजिटल कार्यालय में पहले दिन 100 शिकायतें, सभी निपटाने के निर्देश
जम्मू। राहत और पुनर्वास विभाग ने प्रधान कार्यालय में डिजिटल साक्षरता सह शिकायत निवारण कक्ष की स्थापना की है। कश्मीरी प्रवासियों की सुविधा के लिए सभी जोनल और कैंप कार्यालयों को शिकायत निवारण कक्ष से जोड़ा गया। पहले दिन 100 शिकायतें प्राप्त हुई। शिकायतों को दर्ज करने और उस पर उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए विभाग द्वारा टीमों को विभिन्न प्रवासी शिविरों एवं गैर शिविर क्षेत्रों में नियुक्त किया गया है। प्रवासियों को ऑनलाइन सेवाओं की पहल के बारे में शिक्षित भी किया गया। राहत एवं पुनर्वास आयुक्त केके सिद्ध ने संबंधित शिकायतों को मौके पर निपटाने के दिशा-निर्देश जारी किए। ब्यूरो