अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एसपी आशिक हुसैन टाक के मामले में गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियम, 1956 के नियम 33 के अनुसार जांच अधिकारी की आगे की जांच के लिए नियुक्ति की है।
शुक्रवार को जारी किए गए शासनादेश में गृह विभाग ने लिखा कि जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण और अपील) नियम, 1956 के नियम 33 के संदर्भ में भीमसेन टुटी (आईपीएस), आईजीपी मुख्यालय पीएचक्यू जम्मू-कश्मीर को आशिक हुसैन टाक (पुलिस अधीक्षक, वर्तमान में पीएचक्यू में अटैच) के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है।
आदेश के अनुसार इसके अलावा, जतिंदर सिंह जौहर (जेकेपीएस), एआईजी (प्रशिक्षण एवं पी), पीएचक्यू, जम्मू-कश्मीर प्रस्तुतीकरण अधिकारी होंगे। जांच अधिकारी इस आदेश के जारी होने की तिथि से 30 दिन की अवधि के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट गृह विभाग को प्रस्तुत करेंगे। बता दें कि मार्च में गृह विभाग द्वारा एक निर्देश जारी किया गया था, जिसमें लिखा गया था कि प्रशासन के हित में पुलिस अधीक्षक बांदीपोरा आशिक हुसैन टाक को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय, जम्मू-कश्मीर के साथ अटैच किया जाता है।
गौरतलब है कि उस समय यह आदेश अधिकारी के खिलाफ आरोपों की स्थापना के संबंध में पुलिस महानिदेशक जम्मू-कश्मीर द्वारा गृह विभाग को भेजे गए एक संचार (यू.ओ. नंबर पीएचक्यू/सीआईवी/1069 दिनांक 08-03-2023) के बाद जारी किया गया था। एक अधिकारी ने उस समय बताया था कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा एक मामले की कुछ जांच के संबंध में वहां छापेमारी के बाद एसपी ने अपने कुछ अधीनस्थों के साथ बांदीपोरा क्षेत्र में अस्वस्थ प्रथाओं का सहारा लिया। इसके बाद पीड़ितों ने एजेंसी को घटना के बारे में बताया, जिसने इस मुद्दे को जम्मू-कश्मीर में शीर्ष स्तर पर उठाया और बाद में पुलिस मुख्यालय द्वारा एक आंतरिक जांच की गई, जिसमें अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोप सत्य साबित हुए।