किश्तवाड़ फॉरेस्ट डिविजन के पूर्व रेंज अफसर अल्ताफ हुसैन के खिलाफ बेनामी संपत्ति का केस दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज करने के बाद अल्ताफ हुसैन के कई ठिकानोें पर छापा मार कर विभिन्न रिकॉर्ड जब्त किए। अल्ताफ किश्तवाड़ के अखयाराबाद के रहने वाले हैं। यह कार्रवाई ब्यूरो ने अल्ताफ के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के बाद की है।
अल्ताफ का दच्छन सूईद और जम्मू के सुंजवां में अल्ताफ के दो डबल स्टोरी और किश्तवाड़ बस स्टैंड के पास तीन मंजिला घर है। इसके अलावा एक सेंट्रो कार, एक बाइक और एक स्कूटी भी है। ब्यूरो ने जांच में पाया कि अल्ताफ के पास जितनी संपत्ति है वह उसके बैंक खातों से मेल नहीं खाती। 1980 से लेकर 2013 तक अल्ताफ ने अपने कार्यकाल में गैर कानूनी ढंग से मोटी कमाई की।
एंटी करप्शन ब्यूरो के स्पेशल कोर्ट डोडा से सर्च वारंट लेने के बाद सोमवार को ब्यूरो की टीम ने जम्मू के सुंजवां, किश्तवाड़ और डोडा में सर्च की, इसमें कई चेक और पासबुक भी मिली हैं। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। कई और खुलासे ब्यूरो की तरफ से किए जा सकते हैं।
बेटे की एमबीबीएस सीट के लिए दिए थे 22 लाख
जांच में यह भी सामने आया है कि कश्मीर क्राइम ब्रांच में अल्ताफ और उसके बेटे इम्तियाज उल हुसैन के खिलाफ केस दर्ज है। आरोप है कि अल्ताफ हुसैन ने बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेस एग्जाम में(बीओपीईई) एमबीबीएस की सीट के लिए 22 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। दोनों के खिलाफ बोर्ड आरोप साबित कर चुका है। एक साल पहले ही श्रीनगर के एंटी करप्शन कोर्ट ने बोओपीईई के पूर्व अध्यक्ष मुश्ताक अहमद पीर सहित 43 लोगों को इस मामले में दोषी पाया था और एक करोड़ का जुर्माना करते हुए 16 साल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2012 में एमबीबीएस पेपर घोटाला सामने आया था। इस घोटाले में सामने आया था कि कैसे 20 से 22 लाख रुपये में एक-एक एमबीबीएस सीट को बेचा गया था।