करोड़ों रुपये के घोटाले और बेनामी संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने दो दिन में दो बड़ी गिरफ्तारियां की हैं। सूत्रों के अनुसार कई और बड़े अफसर भी एसीबी की रडार पर हैं। लॉकडाउन के दौरान एसीबी ने कई मामलों की जांच पूरी की है। आरोपियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार की गई है और उनके खिलाफ सुबूत जुटाए गए हैं। अब इनको धीरे-धीरे गिरफ्तार किया जाएगा।
लॉकडाउन के दौरान लगभग 40 मामलों की जांच की गई है। इनमें से एक दर्जन बड़े मामले हैं। जिनको जांच में सहयोग के लिए एसीबी ने पास बुलाया। लेकिन यह लोग जांच में सहयोग करने नहीं पहुंचे। अब इनको गिरफ्तार करने की तैयारी की गई है।
एक सीनियर अफसर ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने कई तरह की जांच पूरी की है। इस दौरान काफी समय भी मिला। पीडब्ल्यूडी, सीएपीडी और कुछ बैंक के मामलों की जांच पूरी की गई है। इसमें जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी होंगी। इसी बीच एसीबी के पास कुछ नए मामले भी आने लगे हैं।
तीन दिन पहले एसीबी ने सिकॉप के पूर्व एमडी भूपिंद्र सिंह दुआ को गिरफ्तार किया था। इसके ठीक अगले ही दिन उधमपुर के सीएपीडी विभाग के पूर्व सुपरवाइजर को 260 करोड़ रुपये के घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि जेके बैंक सहित कुछ अन्य बैंकों के घोटाले में भी कुछ लोगों को दबोचा जा सकता है।