एसीबी के प्रवक्ता ने बताया कि केहवा समूह को जेके बैंक के साथ 138 करोड़ रुपये का ऋण लिया। शेख इमरान और केहवा स्क्वायर प्राइवेट लिमिटेड के भागीदारों के साथ-साथ जेके बैंक के अधिकारियों के साथ एक अच्छी तरह से साजिश रच कर केवल 78 करोड़ रुपये की रि-स्ट्रक्चरिंग की गई।
जब विभिन्न विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों के एक संयुक्त निरीक्षण दल ने वहां का दौरा किया तो पाया कि परियोजना की लागत सिर्फ 33 करोड़ रुपये है। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि केहवा समूह की छह और व्यावसायिक इकाइयां हैं और इमरान ने इन इकाइयों के लिए विभिन्न ऋण सुविधाएं और ओवरड्राफ्ट जुटा हैं। कुल 138 करोड़ रुपये है।