जम्मू। जम्मू-कश्मीर में मवेशियों में फैले लंपी त्वचा रोग (एलएसडी) से निपटने के लिए पशुपालन विभाग दो लैब स्थापित करेगा। अब बीमारी के लक्षण वाले पशुओं के सैंपल की जांच जम्मू-कश्मीर में ही की जा सकेगी। विभाग ने दावा किया है कि दो दिन के भीतर कश्मीर घाटी के जकूरा में बीएसएल-2 लैब स्थापित कर ली जाएगी। इसके अलावा अगले एक हफ्ते में निदेशक पशुपालन विभाग को स्कॉस्ट जम्मू के साथ मिलकर संस्थान के परिसर में भी एक लैब स्थापित करने के लिए कहा गया है।
पशुपालन विभाग के अनुसार गोट पैक्स नामक टीके की 70 हजार खुराक खरीदी गई है, जिन्हें बीमारी से गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में वितरित किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में अब तक 12831 पशु लंपी रोग से ग्रस्त हो चुके हैं। 89 मवेशियों की मौत हुई है।
कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर एलएसडी के प्रसार से निपटने के लिए किए गए उपायों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंपी से ग्रस्त पशुओं में टीकाकरण किया जाए। उन्होंने दोनों संभागों के पशु पालन विभाग के निदेशकों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा। अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में एलएसडी की प्रगति का अध्ययन करने के लिए स्कॉस्ट के विशेषज्ञों के साथ प्रांतीय स्तर के टास्क फोर्स का गठन करने को कहा। टास्क फोर्स प्रभावी नियंत्रण, बीमारी से निपटने के लिए अपनाए जाने वाले नियंत्रण उपायों और टीकाकरण रणनीति पर सुझाव देगी। बताया गया कि कुल लंपी से बीमार हुए पशुओं में 80 प्रतिशत रिकवर हो चुके हैं।