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सेना ने मां भद्रकाली की मूर्ति को किया फिर से स्थापित, कहानी जान आप भी होंगे हैरान

Sun, 18 Mar 2018 11:41 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
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maa bhadrkali - फोटो : AMAR UJALA
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पहले नवरात्र पर सेना ने घाटी में मां भद्रकाली की मूर्ति प्रतिष्ठापित की है। इसके जरिये पुरानी परंपरा को बहाल करने का प्रयास किया। मूर्ति करीब सवा सौ साल पुरानी है। 

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कश्मीर के हंदवाडा जिले में रविवार को दोबारा भद्रकाली मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठापित की गई।

मूर्ति का निर्माण 1891 में कराया गया था। इस बीच गांव के ही श्रीमान सर्वा को मां ने दर्शन दिए और कहा कि उनकी मूर्ति को खानयार स्थित मंदिर से हंदवाड़ा में स्थापित किया जाए। सर्वा के बेटे केशवजी ने इस मूर्ति को खानयार से हटवाकर भद्रकाल गांव में भद्रकाली मंदिर में स्थापित करा दिया।

रहस्यमय परिस्थितियों में मूर्ति मंदिर से 1981 में चोरी हो गई। इसके बाद हंदवाड़ा से कश्मीरी पंडितों का जाना शुरू हो गया। मूर्ति को 1983 में रिकवर किया। पलायन के दौरान मूर्ति को पंडित जगन्नाथ के घर पर रखा गया। बाद में पंडित जगन्नाथ हंदवाड़ा से मूर्ति को मां के भक्त भूषण लाल पंडिता 1990 में जम्मू ले आए।
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भूषण लाल पंडिता ने सेना के सात सेक्टर राष्ट्रीय राइफल के बिग्रेडियर डीआर राय से अक्तूबर 2017 में मुलाकात की। इस मूर्ति को दोबारा भद्रकाली मंदिर में प्रतिष्ठापित कराने का आग्रह किया। सेना के सहयोग से रविवार को पहले नवरात्र को मूर्ति मंदिर में प्रतिष्ठापित कर दी गई।

ब्रिगेडियर ने कहा कि मंदिर और मूर्ति की सुरक्षा के लिए जवान तैनात रहेंगे। करीब 36 वर्षों बाद सवा सौ साल पुरानी मां की मूर्ति को उसकी सही जगह मिल गई। इस मौके पर मेजर जनरल एके सिंह और काफी संख्या में देश के विभिन्न भागों से आए मां के भक्त मौजूद रहे।

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