कश्मीर में बने हालात के चलते अनंतनाग लोकसभा सीट पर अब उपचुनाव नहीं हो पाएगा। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ ही अब यह सीट भरी जाएगी। महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री बनने के बाद चार जुलाई 2016 से संसदीय सीट रिक्त पड़ी हुई है। अनंतनाग संसदीय सीट देश में एक मात्र ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां हालात के चलते उपचुनाव तक नहीं हो पाया। इस वजह से लोकसभा में इस क्षेत्र की आवाज तो मौन रही ही, विकास को भी काफी बाधा पहुंची है। सांसद को प्रति वर्ष सांसद विकास निधि कोष से पांच करोड़ की राशि विकास गतिविधियों में खर्च करने का अधिकार रहता है जो इस क्षेत्र में नहीं हो पाया।
चुनाव आयोग ने नौ अप्रैल 2017 को श्रीनगर लोकसभा उप चुनाव करवाया गया था। इसमें भारी तादाद में हिंसक वारदातें हुईं और आठ लोगों की जान गई थी। केवल 7.14 फीसदी मतदान हुआ था। इसके बाद आयोग ने राज्य सरकार के आग्रह पर 12 अप्रैल 2017 को होने वाले अनंतनाग लोकसभा सीट पर उपचुनाव को 25 मई 2017 तक स्थगित कर दिया था लेकिन 25 मई को भी हालात दुरुस्त न होने के चलते इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
चुनाव आयोग के उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की तर्ज पर बताया कि वर्तमान समय में भी अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में हालात चुनाव लायक नहीं हैं। राज्य सरकार भी अपनी रिपोर्ट में भारतीय चुनाव आयोग को इस विषय में सूचना दे चुकी है। ऐसे में इस क्षेत्र में अब उपचुनाव होने के आसार नहीं है। 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ ही अब सीट को भरा जा सकेगा।
16 विधानसभा क्षेत्र हैं अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में
त्राल, पांपोर, पुलवामा, राजपोरा, वाची, पहलगाम, बिजबिहाड़ा, शोपियां, नूराबाद, कुलगाम, होमशलीबाग, अनंतनाग, देवसर, डुरू, कोकरनाग और शंगस विधानसभा क्षेत्र इस लोकसभा क्षेत्र में आते हैं।